बरेली। इटौआ सुखदेवपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बच्चे को कक्षा में बंद कर जाने के मामले में बच्चे के परिजनों ने शिक्षकों पर कोई कार्रवाई न करने की बात कही। इसके चलते बीएसए तनुजा त्रिपाठी ने प्रधानाध्यापक असमा को भविष्य में ऐसी गलती न होने की चेतावनी देकर सिर्फ प्रतिकूल प्रविष्टि ही दी है।
क्यारा ब्लॉक के इटौआ सुखदेवपुर जूनियर हाईस्कूल में शुक्रवार को सातवीं का छात्र 12 वर्षीय देव कक्षा में बंद रह गया था। घर जाने की जल्दबाजी में शिक्षकों ने झांककर देखना भी जरूरी नहीं समझा कि वहां कोई बच्चा तो नहीं रह गया है। देव जब शाम तक घर नहीं पहुंचा तो घरवालों ने खोजबीन शुरू की और रात नौ बजे से उसे स्कूल से बाहर निकाला जा सका। खौफ के चलते वह कक्षा में ही बेहोश भी हो गया है। इसकी जांच बीईओ क्यारा राजीव श्रीवास्तव को दी गई। उन्होंने स्कूल के सभी शिक्षक, बच्चों एवं पीड़ित बच्चे के घरवालों के बयान लिए। बच्चे के घरवालों ने मामले में कार्रवाई न करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी। बीईओ ने बताया कि सोमवार को मामले में कार्रवाई करते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक असमा को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है। साथ ही भविष्य में ऐसे गलती होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।