बरेली। पेंशन अदालत में कमिश्नर के सामने सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने देयकों के भुगतान के लिए सुविधा शुल्क मांगे जाने के मामले उठाए। इस पर कमिश्नर ने एडी पेंशन को निर्देश दिए कि एक रजिस्टर बनाएं, जिसमें ऐसे विभाग के नाम लिखे जाएं, जो सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के देयकों के भुगतान के लिए रुपये मांगते हैं। ऐसे मामलों की जांच कराई जाएगी।
बैठक में पीलीभीत के डीपीआरओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी और मुख्य चिकित्साधिकारी शाहजहांपुर के अनुपस्थित रहने पर उन्हें प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया। आयुक्त सभागार में पेंशन अदालत के दौरान मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद के सामने सेवानिवृत्त सहायक विकास अधिकारी भगवत सरन ने शिकायत की कि उनके अवकाश वेतन, पेंशन लाभ का निर्धारण सही तरीके से नहीं किया गया है।
बरखेड़ा में विकास विभाग के सेवानिवृत्त कर्मी अरविंद कुमार ने वेतन निर्धारण के मुताबिक स्केल न देने की शिकायत की। शकुंतला देवी के पेंशन, ग्रेच्युटी, बीमा और जीपीएफ के भुगतान में धीमी कार्रवाई पाई गई। इस पर एडी पेंशन को निर्देश दिए कि जांच टीम भेजते हुए तहसीलदार बीसलपुर के खिलाफ चार्जशीट तैयार की जाए। सेवानिवृत्त मंजुषा देवी शुक्ला के जीपीएफ भुगतान के संबंध में भी शिकायत हुई।
मनोज कुमार दुबे पुत्र स्व. रामऔतार दुबे अध्यापक के पारिवारिक पेंशन स्वीकृति के संबंध में पाया गया कि उनकी पेंशन ही नहीं बनी है। इस पर कमिश्नर नेे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के अंदर इस मामले का निस्तारण किया जाए। मुदस्सर हुसैन वाहन चालक नलकूप खंड प्रथम बरेली ने बताया कि महंगाई भत्ता, जीपीएफ, सातवें वेतन आयोग के एरियर का भुगतान नहीं किया गया। इस पर उन्होंने एडी पेंशन को निर्देश दिए कि एक सप्ताह में भुगतान नहीं किया जाता है तो पूरे नलकूप विभाग का वेतन रोक दिया जाए।