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जिलाधिकारी से बोले किसानः 267.50 का यूरिया 300 रुपये में बेच रहे दुकानदार

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बरेली। यूरिया की कालाबाजारी पर किसानों का दर्द डीएम के सामने फूट पड़ा। किसानों ने कहा कि यूरिया की बोरी 267.50 रुपये की है, लेकिन दुकानदार 300 रुपये में बेच रहे हैं। यूरिया पर प्रति बोरी 33.50 रुपये अधिक लिए जा रहे हैं। डीएम ने कहा कि कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों पर छापा मारकर उनके लाइसेंस निरस्त करें।
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विकास भवन सभागार में किसान दिवस पर आयोजित गोष्ठी में किसानों की समस्याओं पर चर्चा हुई, जिसमें ब्लाक भुता के किसान धूम सिंह, गांव पकडरिया गोदाम के नूतन ने डीएम को बताया कि अहरोला चौराहा और गंगापुर समेत कस्बों और गांव की दुकानों पर 300 रुपये में यूरिया का कट्टा मिल रहा है, जबकि सरकार ने यूरिया का कट्टा 267.50 रुपये में कर दिया है। डीएम ने डीएओ धीरेंद्र सिंह चौधरी को निर्देश दिए कि वह उन खाद की दुकानों के लाइसेंस निरस्त करें जो किसानों को अधिक मूल्य पर यूरिया बेच रहे हैं। किसान एमपी सिंह और हरिओम सिंह ने बताया कि 19 सितंबर 2018 को ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए 1.05 लाख रुपये जमा किए थे, लेकिन चार महीने में बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया। एक अन्य किसान ने कहा कि बहेड़ी ब्लॉक के गांव बिदारी में 12 नवंबर से ट्यूबवेल खराब है। शिकायत करने पर भी नलकूप इंजीनियरों ने नहीं सुना। जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि फसल ऋण मोचन के लिए 21 जनवरी 2019 तक लिखित प्रार्थना पत्र के साथ प्रोफार्मा भरकर, आधार कार्ड की कापी, खतौनी की नकल लगाकर कृषि विभाग के दफ्तर में जमा कर दें। तहसील से सत्यापन कराकर पात्रों को ऋण माफी का फायदा दिया जाएगा।
गोवंशीय पशु आश्रयगृह में रखें
जिलाधिकारी ने किसानों से कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर पशु आश्रय गृह बनाए जा रहे हैं। इनमें बेसहारा गोवंशी पशु रखे जाएंगे, जिससे फसलों का नुकसान नहीं होगा। किसान इन पशुओं के चारा पानी और देखभाल में सहयोग करें। दो साल से ऊपर के बछड़ों का बधियाकरण होगा। कहा कि जिला पंचायत ने बंद पड़े 10 काजी हाउस में से चार चालू करा दिए गए हैं। बाकी बचे छह काजी हाउस भी जल्द खोले जाएंगे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कैंप लगाकर इन गोवंशीय पशुओं का उपचार करेंगे। गोष्ठी में सीडीओ समेत विभिन्न अफसर मौजूद थे।
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