बरेली। एक समय था, जब लोग एलआईसी और एफडी में ही निवेश करते थे, तब उन्हें 12 से 13 फीसदी तक ब्याज भी मिलता था, लेकिन अब ब्याज दर काफी कम हो गई हैं, इसलिए इसमें अब निवेशकों को कोई बड़ा लाभ नहीं मिलना है। लिहाजा निवेश के दूसरे विकल्पों पर भी ध्यान देना चाहिए। अपने भविष्य के लिए की गई बचत को कहां और कैसे निवेश किया जाए, इन उलझनों को एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया और अमर उजाला के ‘जन निवेश’ कार्यक्रम में दूर किया गया।
रविवार को होटल एलए में हुए कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने म्यूचुअल फंड में निवेश पर कहा कि कंपनियों की अच्छी तरह से जांच परख करने के बाद ही निवेश करें। कार्यक्रम में एएमएफआई के एक्सपर्ट पंकज श्रीवास्तव ने लोगों को वित्तीय नियोजन की शक्ति और म्यूचुअल फंड में होने वाले बड़े और दीर्घकालीन फायदे के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि निवेशक दो तरह के हैं। एक जो अपनी बचत को प्रॉपर्टी या सोने की खरीद में करते हैं, जबकि दूसरे तरह के निवेशक अपनी रकम उन फंड में लगाना चाहते हैं कि जिसमें उन्हें बेहतर वापसी मिल सके। म्यूचुअल फंड में नियोजित तरीके से निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है, लेकिन उसके बारे में अच्छी तरह से जानकारी हासिल कर लें। कार्यक्रम के दौरान एक्सपर्ट पंकज श्रीवास्तव से म्यूचुअल फंड के बारे में जानकारी लेने की लोगों में उत्सुकता भी नजर आई। उन्होंने कहा कि निवेश के लिए सही सलाह देने की जरूरत है, ताकि लोगों का पैसा सही जगह लगे ओर उन्हें ज्यादा रिटर्न मिले। इससे कंपनी और लोगों दोनों को ही फायदा होगा। इस मौके पर मुख्य अतिथि एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, व्यापार मंडल के महामंत्री सुदेश गुप्ता, व्यापार मंडल प्रतिनिधि शोभित सक्सेना, सिलेक्शन प्वाइंट के चेयरमैन नरेंद्र गुप्ता, अश्वनी ओबराय सहित तमाम व्यापारी मौजूद रहे।
मध्यमवर्गीय परिवार के लिए जरूरी है बेहतर बचत
एक्सपर्ट ने बताया कि वेतनभोगी और मध्य वर्गीय लोगों की आय सीमित होती है। उन्हें निवेश की ऐसी योजनाएं चाहिए, जिससे उनकी बचत उनके भविष्य के लिए भी बेहतर रहे, लेकिन इसके लिए बाजार के बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। ज्यादा रिटर्न के लिए इन दिनों म्यूचुअल फंड ही बेहतर हैं। कंपनी के कई साल के लाभ-हानि के बारे में भी पड़ताल करनी चाहिए।