परिवहन विभाग से ट्रेड सर्टिफिकेट लिए बिना गरीबों को जाल में फंसाकर अवैध तरीके से ई-रिक्शा बेचने में पांच डीलर फंस गए हैं। परिवहन विभाग के नियमों में ई-रिक्शा विक्रेताओं ने अधिकृत तरह से एजेंसी न लेकर कारोबार करना शुरू कर दिया। आरटीओ ने अवैध बिक्री की जांच कराकर कारोबार रोकने और अनधिकृत डीलरों पर कारवाई के लिए एडीएम (सिटी) को पत्र लिखा है। एडीएम सिटी ने मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी है।
संभागीय परिवहन अधिकारी आरआर सोनी ने एडीएम सिटी को लिखे पत्र में कहा है कि ई-रिक्शा बिक्री और पंजीकरण के संबंध में परिवहन विभाग ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत परिवहन विभाग से ट्रेड सर्टिफिकेट प्राप्त अधिकृत रिक्शा विक्रेता ही निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माता कंपनी से ई-रिक्शा खरीदकर उनकी बिक्री कर सकते हैं। मगर शहर में पांच ई-रिक्शा डीलर परिवहन विभाग से ट्रेड सर्टिफिकेट प्राप्त किए बिना ही ई-रिक्शा की बिक्री का कारोबार कर रहे हैं। इससे सरकार को हर माह लाखों के राजस्व का चूना लग रहा है। संभागीय परिवहन अधिकारी के अनुसार विवेक मोटर जायसवाल धर्मकांटा ईसाईयों की पुलिया, शिवकाशी ट्रेडर्स संजय नगर, निकट श्मशान भूमि, बालाजी बैट्री निकट सेटेलाइट चौराहा, स्टार मेट्रो निकट सेटेलाइट चौराहा और देवई जायसवाल धर्मकांटा को ई-रिक्शा का बिक्री का अवैध कारोबार कर रहे हैं।