सुहैल, मानस व दानिया ने भी लहराया परचम
12वीं में 59.6% अंक प्राप्त करने वाले राजकीय इंटर कॉलेज के छात्र मोहम्मद सुहैल एक पैर से दिव्यांग हैं, लेकिन उनका हौसला बुलंद है। वह पढ़ाई के साथ खेल में भी आगे रहते हैं। उन्हें बैडमिंटन टीम में शामिल किया गया है। सुहैल ने बताया कि वह फार्मासिस्ट बनना चाहते हैं। खेल में भी आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
राजकीय इंटर कॉलेज के दसवीं के छात्र मानस मौर्य अपने पिता व भाई के साथ वेल्डिंग व लेबर का भी काम करते हैं। साथ में पढ़ाई और खेल में भी हाथ आजमाते हैं। वह हैंडबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। मानस को इस बार 10वीं में 58% अंक मिले हैं। भविष्य में वह खेल प्रशिक्षक बनना चाहते हैं।
10वीं में 87% अंक प्राप्त करने वाली इस्लामिया इंटर कॉलेज की छात्रा दानिया खान के पिता मैकेनिक हैं। घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी, जिसे समझते हुए दानिया ने दिन-रात मेहनत कर बिना कोचिंग के ये अंक प्राप्त किए हैं। वह बताती हैं कि जब मौका मिलता था, पढ़ाई करने बैठ जाती थी। वह भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहती हैं।
शिखा ने अभावों के बीच भरी कामयाबी की उड़ान
साहू गोपीनाथ इंटर कॉलेज की इंटर की छात्रा कटरा चांद खां निवासी शिखा ने विज्ञान वर्ग में 70% अंक हासिल किया है। उनके पिता ठेला लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। कुछ समय से उनकी मां का स्वास्थ्य काफी खराब चल रहा है। मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब एक गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही के चलते उनकी मां को गलत खून चढ़ा दिया गया। इससे उनकी स्थिति और भी नाजुक हो गई। एक तरफ बोर्ड परीक्षा का दबाव और दूसरी तरफ मां की देखभाल की बड़ी जिम्मेदारी, लेकिन शिखा ने हार नहीं मानी और इतिहास रच दिया।