बरोली। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-तीन) ने शुक्रवार को बवाल और जानलेवा हमले के आरोपी फरीदपुर थाना क्षेत्र के पड़ेरा रोड निवासी पंकज सक्सेना, बारादरी थाना क्षेत्र के राजीव नगर नवादा शेखान निवासी विपिन और अवधेश को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषियों को 10-10 साल की कैद और 12,500-12,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह अतिरिक्त कारागार में रहना होगा।
बरेली कॉलेज में 26 दिसंबर 2015 को छात्रों के गुटों के बीच झड़प हो गई थी। छात्राें के गुटों ने विकास भवन रोड पर एक दूसरे को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा था। इसमें कई छात्र घायल हो गए थे। बारादरी थाना क्षेत्र के डोहरा गौटिया निवासी करुणाधर रत्नायक उर्फ करन ने पंकज सक्सेना, विपिन, अवधेश और विशाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसने बताया था कि वह कॉलेज में प्राइवेट फाॅर्म की जानकारी लेने गया था। तब गलती से उसका कंधा पंकज सक्सेना से टकरा गया। इस पर पंकज गालियां देने लगा। तब उसके दोस्त मधुकर यादव व मुकेश यादव ने बीच-बचाव करा दिया। इसके बाद वह फाॅर्म जमा करने जा रहा था। पंकज सक्सेना अपने साथियों के साथ उसे उसे और उसके दोस्त मधुकेश को घेर लिया। मधुकेश के सिर पर लाठी से हमला किया। इससे वह लहूलुहान हो गया और बेहोश होकर गिर गया।
जांच के बाद पुलिस ने विपिन राना, पंकज सक्सेना और अवधेश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने बलवा, जानलेवा हमला करने और चोट पहुंचाने के आरोपों में विपिन राना, पंकज सक्सेना और अवधेश को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पिता-पुत्र की करंट से मौत, विद्युत निगम को देना होगा 15.50 लाख हर्जाना
बरेली। स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष कालीचरण, सदस्य संजीव कुमार गौतम और अनीता यादव ने सितंबर 2024 में विद्युत दुर्घटना में सिरौली थाना क्षेत्र के गांव बढ़गांव निवासी राजपाल और उनके बेटे सोमपाल की मौत के मामले में विद्युत निगम को 15.50 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है।
मृतक राजपाल की पत्नी भूरी ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर कर बताया था कि 11 सितंबर 2024 को विद्युत निगम की लापरवाही के कारण उनके पति करंट की चपेट में आ गए। उनकी मौके पर मौत हो गई। उनको बचाने में झुलसे बेटे सोमपाल ने भी बाद में दम तोड़ दिया था। भूरी ने विद्युत निगम से 12 फीसदी ब्याज के साथ 32 लाख रुपये मुआवजा दिलाने की मांग की थी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने कोर्ट ने विद्युत निगम को आदेश दिया है कि राजपाल के निधन के लिए 10 लाख और सोमपाल के लिए पांच लाख रुपये का हर्जाना दिया जाए। 50 हजार रुपये आर्थिक और मानसिक क्षति के लिए दिया जाए। भूरी देवी को 5.50 लाख और उनके बालिग बेटे मनोज को दो लाख रुपये नकद दिए जाएं। भूरी देवी की चार नाबालिग संतानों के नाम दो-दो लाख रुपये की राष्ट्रीयकृत बैंक में एफडी कराई जाए। संवाद
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गैंगस्टर एक्ट के दोषी को दाे साल की कैद
बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश (कोर्ट संख्या-पांच) ने शुक्रवार को गैंगस्टर एक्ट के दोषी नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव धमीपुर निवासी मुकेश को दो साल की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को सात दिन अतिरिक्त जेल में रहना होगा।
नवाबगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी गौरव कुमार ने वर्ष 2019 में मुकेश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से दो गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने मुकेश को दोषी करार देते हुए कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। संवाद
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गैंगस्टर के तीन आरोपियों की मौत, तीन हुए बरी
बरेली। स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट तबरेज अहमद ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी सुभाषनगर थाना क्षेत्र के अंगूरी टांडा निवासी अली मोहम्मद, हसन और कैंट थाना क्षेत्र के गांव चौबारी निवासी भोले ठाकुर को दोषमुक्त करार दिया है। आरोपियों में अंगूरी टांडा निवासी सादिक, बौरा खां उर्फ उस्मान और मौसम अली की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।
सीबीगंज के तत्कालीन थानाध्यक्ष ने 23 सितंबर 2021 को आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष कोर्ट में ठोस साक्ष्य और गवाह पेश नहीं कर सका। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अली मोहम्मद, हसन और भोले ठाकुर को गैंगस्टर के आरोपों से बरी कर दिया है। संवाद