शाही के लालपुर गांव में संचालित विमला भारत गैस एजेंसी के मालिक नंद किशोर की कार से सेक्टर मजिस्ट्रेट ने 1.81 लाख रुपये जब्त कर लिए। उन्हें, बेटी और ड्राइवर को कई घंटे थाने में बैठाए रखा। एजेंसी की डेली सेल का रजिस्टर दिखाने के बाद भी रकम वापस न करने के विरोध में रविवार को एजेंसी बंद रखी गई। लोगों ने हंगामा भी किया।
नंदकिशोर एजेंसी पर काम निपटाकर शनिवार देर रात ड्राइवर दीपक कुमार और अपनी बेटी रश्मि के साथ कार से बीडीए कालोनी करगैना बरेली में अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि शाही कस्बे के बरेली बस अड्डा चौराहे पर विधानसभा चुनाव में नियुक्त सेक्टर मजिस्ट्रेट अश्विनी कुमार ने कार रुकवा ली और गैस एजेंसी की डेली सेल के 181380 रुपये जब्त कर गाड़ी समेत तीनों को शाही थाने ले गए। सेक्टर मजिस्ट्रेट ने 50 हजार रुपये से ज्यादा कैश लेकर चलने पर पाबंदी की बात कहते हुए कार्रवाई की बात कही तो नंदकिशोर ने लालपुर एजेंसी से सेल रजिस्टर मंगवा लिया। आरोप है कि रिकॉर्ड दिखाने पर भी रकम लौटाई नहीं गई। सिर्फ रकम जब्ती की स्लिप थमाकर कई घंटे थाने में बैठाए रखकर छोड़ा गया। इस कार्रवाई के विरोध में लालपुर में स्टाफ ने रविवार को एजेंसी का कामकाज ठप रखा। ग्रामीणों ने प्रशासन के विरोध में एजेंसी पर घंटों हंगामा भी किया। एजेंसी संचालक का कहना है कि अगर चुनाव आचार संहिता के नाम पर इसी तरह डेली सेल की वैध रकम जब्त की गई तो एजेंसी चलाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने डीएम से इसकी लिखित शिकायत की गई है। जिला एलपीजी वितरक एसोसिएशन की अध्यक्ष रंजना सोलंकी ने कहा कि इस मामले को सोमवार को डीएम पंकज यादव के सामने रखा जाएगा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में जिपं सदस्य ममता गंगवार, सुंदरलाल, मालदेई, लज्जावती, शीलादेवी, सोमवती, हंसमुखी आदि शामिल रहे। सेक्टर मजिस्ट्रेट अश्विनी कुमार का कहना है कि चुनाव आचार संहिता में 50 हजार से ज्यादा रकम लेकर चलने पर रोक है। इसी के मद्देनजर गैस एजेंसी संचालक को रोका गया था। रकम के वैध दस्तावेज दिखाए होंगे तो कार्रवाई होने का सवाल ही नहीं है।