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UP: बरेली जंक्शन के स्टोर से 142 कोचों की 1200 से ज्यादा बैटरियां चोरी, जिम्मेदार कई दिन तक दबाए रहे मामला

Wed, 18 Feb 2026 10:30 AM IST
मुकेश कुमार रिंकू पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली

सार

बरेली जंक्शन के स्टोरी से रेलवे की बैटरियों की चोरी का मामला सामने आया है। स्टोर से 1200 से ज्यादा बैटरियां गायब हो गई हैं। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। 
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बरेली जंक्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली जंक्शन की वॉशिंग लाइन और स्टोर से अलग-अलग ट्रेनों के 142 कोचों की 1200 से ज्यादा बैटरियां चोरी हो गईं। पहले तो जिम्मेदार कई दिन तक मामले को दबाए रहे। मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया तो उत्तर रेलवे के मुरादाबाद मंडल मुख्यालय तक खलबली मच गई। मंगलवार को मंडल मुख्यालय में स्टोर इंचार्ज समेत कई अधिकारियों की पेशी हुई। मामले में जांच कमेटी गठित की गई है। 

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ट्रेनों के कोचों में करंट प्रबंधन के लिए बैटरियां भी होती हैं। इनकी कीमत काफी ज्यादा होती है। कोचों में बैटरी, वायरिंग आदि के रखरखाव का काम इलेक्ट्रिक विभाग करता है। जंक्शन के पूर्वी आउटर पर वॉशिंग लाइन और पास ही स्टोर है। कुछ दूरी पर रेलवे अस्पताल और कॉलोनी है। अमूमन वॉशिंग लाइन पर कोई गाड़ी आती है तो यहां उसके कोचों की सभी कमियों को जांच कर दुरुस्त करने के बाद ही प्लेटफार्म पर भेजा जाता है। इसके अलावा अन्य किसी गाड़ी के कोच में करंट की समस्या होने की दशा में भी जंक्शन पर बैटरी बदलने व अन्य काम किए जाते हैं। पुरानी बैटरी को स्टोर में रखा जाता है। 

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स्टोर और वॉशिंग लाइन से बैटरी व अन्य स्क्रैप चोरी का सिलसिला काफी समय से चल रहा था। पिछले दिनों स्टॉक की जांच की गई तो मालूम हुआ कि 1200 से ज्यादा बैटरियां गायब हैं। पहले मामले को दबाने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। 

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आरपीएफ की भूमिका पर सवाल
रेलवे संपत्ति की सुरक्षा की जिम्मेदारी आरपीएफ की होती है। इसके अलावा अगर प्लेटफॉर्म पर कोई अपराध होता है या फिर किसी यात्री का सामान आदि चोरी होता है तो इसकी जिम्मेदारी जीआरपी की होती है। लंबे समय से बैटरी चोरी होती रहीं और आरपीएफ को इस बारे में भनक तक नहीं लगी। ऐसे में आरपीएफ की भूमिका की जांच का भी आदेश दिया गया है। 

मुरादाबाद मंडल के सीनियर डीसीएम आदित्य गुप्ता ने बताया कि विभागीय स्तर पर मामले में जांच चल रही है। बैटरियां गायब होने के मामले में इलेक्टि्रक विभाग कार्रवाई करेगा। जांच पूरी होने से पहले चोरी या गायब हुईं बैटरियों की संख्या पुष्ट करना मुश्किल है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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