हालत बिगड़ी तो अस्पताल लाए
पुराना शहर गौटिया की अलबीना ने कहा कि सप्ताह भर से बच्ची को दस्त हो रहे थे। रात भर सो नहीं पा रही थी। उल्टी भी होने लगी और हालत बिगड़ी तो अस्पताल ले आए। इलाज से कुछ राहत है। एजाजनगर गौटिया की रुकसाना ने कहा कि चार दिन पहले बेटे को दिन में चार से पांच बार दस्त होने लगे। मेडिकल स्टोर से दवा लेकर दी पर राहत नहीं मिली। अस्पताल में डायरिया बताया है।
किला फाटक की अनीसा ने कहा कि बच्चे की सांस भी फूल रही थी और दस्त हो रहे थे। पास के क्लीनिक में दिखाया पर राहत नहीं मिली। बच्चा वार्ड पहुंचे तो डॉक्टर से कोल्ड डायरिया का पता चला। मठ की चौकी निवासी आयशा ने बताया कि बेटी को सूखी खांसी और तेज बुखार था। दो दिन स्कूल नहीं भेजा, पास के क्लीनिक से दवा ली पर हालत बिगड़ती गई। अस्पताल में दिखाया तो निमोनिया बताया।