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Barabanki News: डीजे पर डांस के दौरान की हर्ष फायरिंग में युवक की मौत

Wed, 08 Oct 2025 12:37 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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मुंशीगंज के गरथोलिया गांव में देव की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन। -संवाद
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शाहगढ़। मुंशीगंज के मुराईन का पुरवा गरथोलिया गांव में सोमवार रात निकासन समारोह में डीजे पर डांस करते समय कुछ युवकों ने हर्ष फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान कार्यक्रम में आए गांव के ही देव यादव (19) को गोली लग गई। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हालांकि, मृतक के घरवालों ने मंगलवार देर शाम तक तहरीर नहीं दी। पुलिस हर्ष फायरिंग करने वालों की तलाश में जुटी है।
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संजय कुमार यादव के मुताबिक उनका बेटा देव सोमवार को मस्तराम के घर निकासन कार्यक्रम में शामिल होने अपने दोस्त सत्यम के बुलावे पर दिल्ली से आया था। शाम को इस समारोह में देर रात डीजे पर नाचते समय कुछ युवकों ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। उसी बीच एक गोली देव के सीने में जा लगी। गोली लगते ही लोग दहशत में आ गए।


तुरंत देव को मुंशीगंज स्थित संजय गांधी अस्पताल लेकर लोग पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता संजय यादव ने बताया कि देव का किसी से कोई विवाद नहीं था। वह हंसमुख और मिलनसार था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर शिवाकांत त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजन तहरीर देने को तैयार नहीं हैं। जांच पूरी होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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मां का रो-रोकर बुरा हाल
देव की मौत के बाद मां चंदा देवी बार-बार बेटे का नाम पुकारते हुए बेहोश हो जा रही थीं। पिता संजय कुमार और भाई हर्ष की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। ग्रामीण और रिश्तेदार परिवार को किसी तरह दिलासा देते रहे। देव के दादा शिवबहादुर, जो नई दिल्ली रेलवे से सेवानिवृत्त हैं, दिल्ली से घर आएंगे और उनके पहुंचने के बाद तहरीर दिए जाने की संभावना है।



गम में बदल गया खुशी का माहौल
गरथोलिया के ढकहन का पुरवा निवासी मस्तराम की शादी कविता से दस वर्ष पहले हुई थी। पुत्री के जन्म की खुशी में परिवार ने निकासन कार्यक्रम रखा था। डीजे पर गीत बज रहे थे, महिलाएं मंगलगान कर रही थीं। तभी चली गोली ने अचानक खुशियों को मातम में बदल दिया। रातभर गांव में सन्नाटा छाया रहा। कोई भी व्यक्ति घटना पर कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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