बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह की अदालत ने सौतन की हत्या के एक मामले में अभियुक्ता को दोषी माना है। कोर्ट ने दोषी सोनावती को आजीवन कारावास के साथ 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामले में वादी आनंद प्रकाश ने कोतवाली नगर थाने में दी तहरीर में बताया था कि वह होमगार्ड है और ग्राम बरौली, थाना सतरिख का निवासी है। वह अपनी दूसरी पत्नी राजकुमारी और पांच वर्षीय पुत्र अनुज के साथ गिरधारीदास कुटी, लखपेड़ाबाग में रहता था। उसकी पहली पत्नी सोनावती थी। वह पुत्र सोनू व अन्य बच्चों के साथ दिव्य हॉस्पिटल के पास रहती थीं। सोनावती करीब नौ साल पहले उसे छोड़कर अलग हुई थी। अप्रैल 2014 को वह चुनाव ड्यूटी पर गया था, तभी किरायेदार अनिल ने फोन पर सूचना दी कि उसका बेटा अनुज रो रहा है। जब वह घर पहुंचा, तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। पीछे की खिड़की से कमरे में दाखिल होने पर उसकी पत्नी राजकुमारी की लाश तख्त पर पड़ी मिली।
पुत्र अनुज ने बताया कि सोनू और उसकी मां (सोनावती) आए थे और उन्होंने ही राजकुमारी की हत्या की। घटना से 15 दिन पहले भी सोनू घर आकर झगड़ा कर चुका था और पत्नी से मारपीट कर साइकिल उठा ले गया था। पुलिस ने सोनावती के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सोनू की उम्र कम होने के कारण उसका मामला किशोर न्यायालय में विचाराधीन है। साक्ष्य व गवाही के आधार पर न्यायाधीश विनय कुमार सिंह (तृतीय) की कोर्ट ने अभियुक्ता सोनावती को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।