बाराबंकी। नगर निकाय चुनाव में जीतने वाले प्रत्याशियों की शैक्षिक योग्यता भांति-भांति की है। कोई एमए पास है तो कोई स्कूल ही नहीं गया। लेकिन मतदाताओं ने बिना किसी भेदभाव के इन सभी प्रत्याशियों को एक-सी जिम्मेदारी सौंप दी है।
जिले की 13 नगर पंचायतों में से दो पर जीते हुए प्रत्याशी निरक्षर हैं, दो प्राथमिक तक ही पढ़े हैं, एक हाईस्कूल, तीन इंटरमीडिएट, चार स्नातक और एक परास्नातक है। वहीं नगर पालिका की सीट पर स्नातक पास का कब्जा हुआ है।
नगर पालिका नवाबगंज पर विजई हुई शीला सिंह स्नातक तक पढ़ी हैं। वहीं बंकी में चेयरमैन पद संभालने वाली इरफाना खातून एमए पास हैं। सिद्धौर में कांग्रेस के कब्जे से सीट को मुक्त कराकर कमल खिलाने वाली रमंता निरक्षर हैं। सूबेहा नगर पंचायत में जीत का परचम लहराने वाले देवीदीन भी पढ़े लिखे नहीं हैं। दरियाबाद की रुकसाना बानो और बेलहरा की चेयरमैन शबाना खातून ने मदरसे में प्राथमिक स्तर की शिक्षा ही हासिल की है। इसके अलावा हैदरगढ़ में जीत दर्ज करने वाले आलोक तिवारी, रामसनेहीघाट के ज्ञान प्रकाश, सतरिख के मो. रेेहान कामिल और फतेहपुर के इरशाद अहमद स्नातक पास हैं। टिकैनगर के चेयरमैन जगदीश प्रसाद, रामनगर में जीते रामशरण पाठक और जैदपुर की निलोफर अनीम बारहवीं पास हैं। देवा के चेयरमैन बने मो. हारून दसवीं तक पढ़े हैं।