बाराबंकी। घुंघटेर थाना क्षेत्र में एक वर्ष पहले हुई हनुमंत लाल की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट कीर्ति माला सिंह ने उसकी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी कमलेश गौतम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पूजा पर 8,000 रुपये और कमलेश पर 5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वारदात के एक वर्ष के भीतर फैसला आने से मामले में त्वरित सुनवाई हुई।
अभियोजन के अनुसार, मृतक के भाई रामशंकर ने घुंघटेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि पूजा के चरित्र को लेकर पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। इसी दौरान पूजा का फतेहपुर के गुठुबन पुरवा निवासी कमलेश गौतम से संबंध हो गया।
13 अक्तूबर 2025 को पूजा, हनुमंत और बच्चे लखनऊ स्थित मकान की साफ-सफाई के लिए गए थे। वापसी में वे देवा मेला घूमने गए। इसके बाद हनुमंत बाइक से और पूजा अपने आठ वर्षीय बेटे यश उर्फ बुलेट व आठ माह के रियांशु के साथ ऑटो से घर लौट रही थी। रात करीब तीन बजे ताहिरपुर टेरी गांव के सामने पूजा ने ऑटो रुकवाकर हनुमंत को भी रोक लिया। इसी दौरान कमलेश वहां पहुंचा। आरोप है कि पूजा और कमलेश ने ऑटो में रखी सरिया से हनुमंत के मुंह, सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी।
घटना के बाद पूजा कमलेश और बच्चों के साथ ऑटो से लखनऊ चली गई। वहां उसने बहन खुशबू को दुर्घटना में हनुमंत की मौत होने की बात बताई और 112 पर भी यही सूचना दी। मृतक के बेटे यश कुमार ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। विवेचना में पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त सरिया और ऑटो बरामद किया। कोर्ट में यश के बयान, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई।