बड्डूपुर (बाराबंकी)। हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर की सीढि़यों पर भगदड़ की घटना में जान गंवाने वाले बड्डूपुर थाने के मौलाबाद के किसान वकील वर्मा का शव सोमवार को गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया। बेटे श्यामू वर्मा ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। वकील की पत्नी का इलाज ऋषिकेश के एक अस्पताल में चल रहा है।
मौलाबाद गांव से कुल 16 लोग 25 जुलाई को हरिद्वार दर्शन के लिए रवाना हुए थे। इनमें वकील वर्मा, इनकी पत्नी उर्मिला (48), फूलमती, बेचेलाल (51), सुनील कुमार (38), बाबूलाल, श्री प्रकाश (58), कन्हैयालाल (40), दूधनाथ (68), गंगाराम की 40 वर्षीय पत्नी, राम आशिष की 45 वर्षीय पत्नी समेत 16 लोग शामिल थे। 27 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे सभी लोग मनसा देवी मंदिर के दर्शन के लिए निकले।
दर्शन के दौरान अचानक भगदड़ की स्थिति बन गई, जिसमें दबकर वकील की मौत हो गई। उत्तराखंड सरकार ने एंबुलेंस से वकील का शव बाराबंकी रवाना किया। सोमवार को शव पहंचा तो पुत्र श्यामू (26), शुभम (15) आकाश (13) व पुत्र बबली (17) का रोकर बुरा हाल हो गया। दो दिन से मृतक के परिवार में चूल्हा नहीं जला। (संवाद)