बाराबंकी। गेहूं खरीद का पहला दिन ही निराशाजनक रहा। किसी भी केंद्र पर एक दाना गेहूं की खरीद नहीं हो सकी। जबकि केंद्र प्रभारी केंद्रों पर मौजूद किसानों के आने का इंतजार करते दिखाई दिए। विभाग को सोमवार तक बोहनी होने की उम्मीद है जबकि इसके आसार काफी कम नजर आ रहे हैं क्योंकि समर्थन मूल्य से कहीं ज्यादा गेहूूं के दाम किसानों को खुले बाजार में मिल रहे हैं। यही कारण है कि किसान सरकारी केंद्रों की तरफ रुख करना मुनासिब नहीं समझ रहे हैं।
शासन ने इस बार गेहूं खरीद का लक्ष्य 78 हजार एमटी निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले में 45 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैैं और शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 रुपये निर्धारित किया है। शुक्रवार से जिले में गेहूं की खरीद शुरू भी हो गई। विभाग के अनुसार, किसी भी केंद्र पर एक दाना गेहूं की खरीद नहीं की जा सकी, केंद्र प्रभारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद किसान सरकारी खरीद केंद्रों की ओर रुख नहीं कर रहे हैं।
इधर, किसानों का कहना है कि सरकारी मूल्य से ज्यादा 2100 रुपये प्रति क्विंटल के दाम नकद खुले बाजार में मिल रहे हैं। जबकि सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के बाद कम से कम 15 दिनों तक पैसे के लिए इंतजार करना पड़ता है। लेकिन बाजार में गेहूं बेचकर सरकारी मूल्य से अच्छे नकद पैसे मिल जा रहे हैं तो सरकारी केंद्रों पर जाने की क्या जरुरत है। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार का कहना है कि अभी गेहूं की आवक कम है किसानों से बात चल रही है। सोमवार से खरीद शुरू होने की उम्मीद है।
गेहूं खरीद केंद्रों का देखा हाल
जिला खाद्य विपणन अधिकारी रमेश कुमार ने शुक्रवार को गेहूं खरीद का हाल जानने के लिए नवीन मंडी, सफदरगंज मंडी, सिरौलीगौसपुर और बुढ़वल में खुले गेहूं खरीद केंद्रों का निरीक्षण किया। सफदरगंज मंडी में गेहूं खरीद केंद्र पर मौजूद प्रभारी गायत्री मौर्या से खरीद के संबंध में जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि किसानों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। सोमवार को कई किसानों ने गेहूं लाने की बात कही है।