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घंटे भर की बारिश में तालाब बन गई सड़कें, गर्मी से राहत

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बाराबंकी। कई दिनों से हो रही चिपचिपी गर्मी से परेशान लोगों को मौसम के करवट लेने से राहत मिली। मंगलवार की दोपहर तेज हवा के साथ प्री मानसूनी बरसात हुई। फतेहपुर कस्बे के आसपास छोड़कर बाकी पूरे जिले में हल्की व मध्यम बरसात हुई। बारिश से शहर व कस्बों की दशा ही बदल गई। शहर की प्रमुख सड़कें तालाब बन गईं। शाम 6 बजे तक 37.4 मिमी बरसात दर्ज की गई।
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बीते कई दिनों से बरसात की उम्मीद लगी थी। मौसम के पूूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार सुबह तो धूप निकली मगर दोपहर होते-होते आसमान में बादल छाने लगे। कुछ ही मिनटों में हवा के तेज झोंकों के साथ काली घटा और गहरी हो गई। पूरे जिले में कहीं 40 मिनट तो कहीं एक घंटे तक बरसात हुई।
शहर में बरसात के दौरान जहां लोगों को राहत मिली वहीं कई जगहों पर पेड़ गिर गए। इस दौरान लखपेड़ाबाग, बाल विहार कॉलोनी, लक्ष्मणपुरी कालोनी, दशहराबाग खलरिया, विजयनगर, पल्हरी, नाका सतरिख, जीआईसी मैदान, केडी सिंह बाबू स्टेडियम के पास सड़कों व गलियों में घुटनों तक पानी भर गया।
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महिला अस्पताल के पास, कोऑपरेटिव बैंक के सामने मुख्य सड़क पर पानी भर गया। नाका सतरिख से हैदरगढ़ जाने वाली रोड तालाब बन गई। कोटवाधाम प्रतिनिधि के अनुसार, दोपहर में करीब 50 मिनट तक हुई तेज बारिश से जलभराव की समस्या पैदा हो गई। कोटवाधाम में दुकानों के आसपास पानी भर गया।
बाढ़ जैसा माहौल हो गया। बरसात बंद होने के बाद सड़कों से पानी कम होता रहा। लेकिन पुलिस लाइन मैदान, जीआईसी मैदान, बस स्टेशन परिसर में जलभराव बन रहा। मौसम विभाग ने 30 जून तक ऐसी ही बरसात होने की संभावना जताई है।
दो डिग्री नीचे आया अधिकतम तापमान
बरसात व हवा चलने से जिले का मौसम कुछ देर के लिए सुहाना हो गया था। दिन में ही तापमान 30 डिग्री के नीचे आ गया। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 दर्ज हुआ था। लेकिन मंगलवार को यह 35 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इसी तरह से न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
बेरन के लिए अमृत बनी बरसात
जिले में धान की खेती बरसात के सहारे ही होती है। इस बार जिले में करीब एक लाख 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती का लक्ष्य कृषि विभाग ने घोषित किया है। धान की अगेती खेती करने वाले किसान बेेरन तैयार कर रहे हैं। किसान पाइप बिछाकर बेेरन सींच रहे थे मगर बरसात होने से उन्हें काफी राहत मिली है। उप कृषि निदेशक एके सागर ने बताया कि ठीक समय पर बरसात मानी जाएगी। अब देर होती तो खेती पर प्रभाव पड़ता। उन्होंने बताया कि बेरन के लिए यह बरसात अमृत है।
मोबाइल पर 4 घंटा पहले मिलेगी वज्रपात की सूचना
दामिनी एप डाउनलोड करने के बाद वज्रपात की सूचना चार घंटे पहले मिल सकेगी। प्रशासन लोगों को एप अपलोड करने के लिए जागरुक करने में लगा है। एडीएम राकेश सिंह ने बताया कि, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय व मौसम विज्ञान संस्थान पुणे के सहयोग से दामिनी एप विकसित किया गया है। दामिनी एप करीब 20 किलोमीटर के क्षेत्र में संभावित लाइटिंग नोटिफिकेशन करीब चार घंटे पहले दे देगा जिससे लोगों को बचाव में आसानी होगी।
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