जमीन को लील रही घाघरा नदी ने एक अधेड़ की जान ले ली। शनिवार को डेढ़ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से बाढ़ पीड़ित गांवों में हालात और बिगड़ने के आसार हैं। नेपाल से छोड़े गए पानी के पहुंचते ही खतरे के निशान से चार सेंटीमीटर नीचे पहुंची घाघरा का जलस्तर फिर बढ़ने से नदी भयावह रूप धारण करेगी।
जलस्तर कम होने के बाद कंचनापुर, जमका, खुज्जी, कमियार व अलीनगर-रानीमऊ तटबंध के पास खेतों में कटान तेज हो गई है। घाघरा के कटान को लेकर तराई के लोग काफी परेशान हैं। लगातार घाघरा में छोडे़ जा रहे पानी से तराई के और गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
सिरौलीगौसपुर, रामसनेहीघाट व रामनगर तहसील के करीब एक दर्जन गांव करीब 12 दिनों से बाढ़ की चपेट में हैं। इन गांवों में पानी भरा है तो लोगों के आने-जाने के संपर्क मार्ग तक पानी में डूबे हैं। उधर, चरपुरवा, नाउनपुरवा, बेटटा, नैपुरा, परसावल, रायपुर मांझा, कमियार गांवों में प्रशासन लगातार राहत सामग्री व तिरपाल बांट रहा है। रामनगर तहसील के जमका व खुज्जी पंचायत व कंचनापुर के खेतों में कटान तेजी से हो रही है।
शनिवार को घाघरा में गिरिजा बैराज व शारदा बैराज से घाघरा नदी में 1,59790 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिससे तराई के हालात और बिगड़ने की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है। उधर, शुक्रवार को रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्र के घाघरा के उस पार बसे कोयलावर गांव निवासी रामकरन (52) अपने दो बेटों के साथ फैजाबाद के शुजागंज बाजार गया था। देर रात लौटा तो अपने बेटों को नदी पार कराने के बाद साइकिल लेने उस पार गया।
साइकिल लेकर तैरते हुए आ ही रहा था, तभी वह घाघरा के तेज बहाव में बह कर डूब गया। पिता को डूबता देख घाघरा के किनारे खड़े बेटों ने शोर मचाया। मौके पर पहुंचे कई ग्रामीण घाघरा में उसे बचाने के लिए कूदे, मगर, जब तक उसे निकाला जाता, तब तक उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर रामसनेहीघाट के तहसीलदार पंकज दीक्षित कोयलावर गांव पहुंचे और परिवारीजनों को मदद का भरोसा दिलाया। एसडीएम राहुल यादव ने बताया कि मृतक की पत्नी को किसान बीमा योजना, दैवीय आपदा व पारिवारिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
अलीनगर-रानीमऊ बांध में रैनकट से बांध को कटने की खबर अमर उजाला में प्रमुखता के साथ प्रकाशित होने के बाद बाढ़ विभाग सजग हुआ। शनिवार को विभाग के जेई शैलेश कुमार की देखरेख में बंधे पर रैनकट में मिट्टी डालकर उसकी कुटाई का काम कराया गया। हालांकि खेतों की कटान के बाद बंधे को खतरा बना हुआ है।
घाघरा के उस पार बसे सिरौलीगौसपुर व रामसनेहीघाट तहसील के छह गांवों के 1380 परिवारों को जिला प्रशासन की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराने का दावा किया गया है। प्रशासन की मानें तो नाउनपुरवा के 317, चरपुरवा के 31, नयापुरवा के 207,नैपुरा के 325, परसावल के 696 व कमियार के 476 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री व तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं।