बाराबंकी। मसौली स्थित मुख्य औषधि भंडार का मंगलवार को औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टॉक का सत्यापन करने के साथ ही पांच दवाओं के नमूने भी जांच के लिए भरकर लैब भेजे। साथ ही गोदाम में उपलब्ध दवाओं की वैधता को परखा।
औषधि निरीक्षक ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में वितरित की जाने वाली दवाओं की गुणवत्ता, रख-रखाव जांचना था। निरीक्षण के दौरान जीवन रक्षक दवाओं और टीकों का रख-रखाव देखा गया।
इंसुलिन व अन्य संवेदनशील दवाओं को सुरक्षित रखने के लिए वॉक-इन-कूलर और डीप फ्रीजर के तापमान की जांच की गई। यह तापमान मानक के अनुरूप पाया गया। ई-औषधि पोर्टल पर दर्ज ऑनलाइन भंडार का भौतिक मिलान किया गया। कहा कि दवाओं की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। मौके पर मौजूद चीफ फार्मासिस्ट तिलक राम कन्नौजिया ने बताया कि समस्त औषधियों का रख-रखाव मानक के अनुसार किया जाता है।
औषधि निरीक्षक ने ट्राइमेथोप्रिम और सल्फामेथोक्साजोल ओरल सस्पेंशन, आयरन और फोलिक एसिड टैबलेट, पेंटाप्राजोल गैस्ट्रो-रेसिस्टेंट टैबलेट के और सेफिक्साइम ओरल सस्पेंशन का नमूना जांच के लिए लैब भेजा गया।