देवा। पीएचसी देवा में कोविड-19 टीकाकरण कक्ष से मनमाने तरीके से नदारद रहने वाली नर्स के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में डीएम के सख्त रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। आननफानन आला अधिकारियों के निर्देश पर हरकत में आए चिकित्सा अधीक्षक ने टीकाकरण में लापरवाही करने वाली नर्स को दो दिन के भीतर जवाब तलब कर स्पष्टीकरण मांगा है।
बीते बृहस्पतिवार को पीएचसी में के कोविड-19 कक्ष में तैनात नर्स के घंटों नदारद रहने की खबर को अमर उजाला ने ‘टीकाकरण में भारी पड़ सकती है कर्मियों की मनमानी’ शीर्षक से प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया था। डीएम डॉ. आदर्श कुमार सिंह ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जांच के आदेश दिए।
इसके बाद सीएचसी देवा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ ने आननफानन कोविड-19 टीकाकरण में तैनात नर्स के विरुद्ध स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर गौड़ ने बताया कि दो दिन के भीतर नोटिस का जवाब न देने पर नर्स के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)