बाराबंकी। सफेदाबाद ओवर ब्रिज पर एक पिकअप वाहन जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने अन्य विभागीय कर्मियों के साथ शुक्रवार की देरशाम पकड़ा था। इसमें 85 बोरी यूरिया लदी थी, जिसका कोई बिल या चालान नहीं था। जांच में यूरिया की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है।
चालक मनीष कुमार ने बताया कि उसे जरगावां से खाद लखनऊ पहुंचाने को कहा गया था। पुलिस ने चालक और पुलिस के साथ मेसर्स मां दुर्गा किसान सेवा केंद्र पर छापा मारा। दुकान में पीओएस मशीन से मिलान पर 14 बोरी यूरिया अधिक मिली। विक्रेता ने बिक्री या स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराया।
विक्रेता दुर्गेश कुमार ने 19 जून 2026 को कई किसानों को यूरिया बेचने का दावा किया। हालांकि, आईएफएमएस पोर्टल पर केवल दो किसानों को नौ बोरी बिक्री दर्ज थी। पोर्टल के अनुसार, विक्रेता द्वारा कुल आठ कृषकों को 33 बोरी यूरिया बेची गई थी। विक्रेता के बयान और पोर्टल की जानकारी में बड़ा अंतर पाया गया।
पिकअप चालक द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर अंकुर से संपर्क किया गया। अंकुर ने चालक के बयान के संबंध में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। जिलाधिकारी की अनुमति के बाद इस मामले में किसान सेवा केंद्र के विक्रेता दुर्गेश कुमार, चालक मनीष और अंकुर के खिलाफ कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। शहर कोतवाल सुधीर कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।