बाराबंकी। दो साल की बेटी अपिया को लेकर ससुराल से घर जा रहे 28 वर्षीय आलू कारोबारी इरशाद की कार अनियंत्रित होकर गहरी ड्रेन में पलट गई। कार में फंसी बच्ची के रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण माैके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद बच्ची व इरशाद को कार से बाहर निकाला। दोनों को सीएचसी पहुंचाया गया, जहां डाॅक्टरों में इरशाद को मृत घोषित कर दिया। अपिया की हालत गंभीर होने के कारण जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।
फतेहपुर के इसरौली गांव निवासी इरशाद आलू कारोबारी थे। रविवार को वह कस्बा फतेहपुर ससुराल आए थे। सोमवार सुबह पांच बजे इरशाद अपनी दो वर्षीय बेटी अपिया के साथ कार से घर वापस लौट रहे थे। फतेहपुर-देवा मार्ग पर डडियामऊ गांव के पास कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे कई फीट गहरी ड्रेन में पलट गई। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए पहले बच्ची को कार से बाहर निकालकर उपचार के लिए भेजा। इसके बाद इरशाद को बाहर निकाला। उन्हें सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सभी भाई हैं आलू कारोबारी : इरशाद का विवाह तीन वर्ष पूर्व हुआ था। पुत्री अपिया से उन्हें बेहद लगाव था। इसी कारण वह ससुराल से अपने साथ लेकर घर लौट रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में मासूम के सिर से पिता का साया उठ गया। इरशाद पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और सभी भाई मिलकर आलू का कारोबार करते थे। आलू का सीजन होने के चलते वह सुबह जल्दी घर के लिए निकले थे। जैसे ही उनके निधन की खबर घर पहुंची, हर कोई गमगीन हो गया।