बाराबंकी। दो दिन पहले जैदपुर थाना क्षेत्र के हरख रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल दो मासूम चचेरे भाइयों की इलाज के दौरान बुधवार को मौत हो गई। इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले मासूम शाहनवाज के पिता की हादसे के दिन ही मौत हो गई थी। मासूम की मौत के बाद परिवार में मात्र तीन माह का भाई बचा है। जिस घर में दो दिन पहले बरात की खुशियां मनाई जा रही थीं, वहां अब मातम पसरा है।
सतरिख थाना क्षेत्र के करौंदीकला गांव निवासी पप्पू के बेटे नसरुद्दीन की बरात सोमवार को मसौली गई थी। निकाह के बाद लौटते समय हरख रोड पर तेज रफ्तार वैन की ट्रैक्टर-ट्रॉली से भिड़ंत हो गई थी। इसमें वैन के परखच्चे उड़ गए थे। हादसे में गंभीर रूप से घायल निजामुद्दीन की अस्पताल ले जाने के दौरान मौत हो गई थी। इस हादसे में सात लोग घायल हुए थे, जिन्हें बाराबंकी जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया था।
घायलों में शामिल शाहनवाज (4) मृतक निजामुद्दीन के पुत्र व उसके चचेरे भाई अरसद (5), की हालत नाजुक बनी हुई थी। इलाज के लिए दोनों को बाराबंकी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार तड़के दोनों ने दम तोड़ दिया। दोनों बच्चों की मौत की खबर गांव पहुंचते ही करौंदीकला में कोहराम मच गया। शहर कोतवाल आरके राणा ने बताया कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
ढाई महीने में माता-पिता व बेटे की मौत
हादसे में मरे शाहनवाज (4) की मां की मौत ढाई महीने पहले ही बीमारी के चलते हो चुकी थी। इसके बाद पिता निजामुद्दीन असमय मौत हो गई। परिवार में अब केवल शाहनवाज का तीन माह का भाई रईस बचा है, जो अनाथ हो गया है। गांव के लोग इस त्रासदी से स्तब्ध हैं।
मातम में बदलीं शादी की खुशियां
जिस परिवार दो दिन पहले तक निकाह की खुशियां व दावतों का दौर चल रहा था, वहां अब मात पसरा है। पूरा परिवार तीन जनाजों के बोझ से टूटा हुआ है। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे में पीड़ित परिवारों की तत्काल आर्थिक मदद मुहैया कराई जाए।