- बाथरूम की टोंटी व पंखे में करंट उतरने से हुआ हादसा
- सुबेहा व कोठी थाना क्षेत्र मे घटना के बाद परिवार में कोहराम
संवाद न्यूज एजेंसी
बाराबंकी। दो अलग-अलग थानाक्षेत्रों में बिजली का करंट लगने से एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव समेत दो लोगों की मौत हो गई। यह हादसा बाथरूम की टोंटी व पंखे में करंट उतरने आने के कारण हुआ। सुबेहा थानाक्षेत्र में घटित घटना में करंट से चिपके पुत्र को बचाने की कोशिश में माता पिता भी झुलस गए। पिता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन हादसों से दोनों ही परिवार के लोगों में कोहराम मचा है।
सुबेहा थाना क्षेत्र के नीमामऊ ग्राम पंचायत के मजरे सटेहटा गांव में बुधवार को सुबह करीब 11 बजे करीब गांव निवासी भूपेंद्र तिवारी विक्की (30) घर के अंदर बाथरूम में नहाने गया था। इस दौरान बाहर लगे सबमर्सिबल पंप से करंट बाथरूम में लगी टोंटी में उतर आया। बिजली का करंट लगने से चीखे भूपेंद्र की आवाज सुनकर उसके पिता गया बख्श तिवारी व माता आशा तिवारी भी उसे बचाने की कोशिश करने लगे। इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गए। मौके पर पहुंचे परिवार के अन्य लोगों ने बमुश्किल तीनों को करंट से छुड़ाया। करंट से झुलसे तीनों को सुबेहा से हैदरगढ़ सीएचसी ले जाया गया जहां परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने भूपेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि पिता गया बख्श तिवारी की हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतक भूपेंद्र का विवाह चार माह पहले ही हुआ था।
करंट लगने का दूसरा हादसा कोठी थाना क्षेत्र में हुआ। यहां बीते मंगलवार की रात एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की पंखे में उतरा करंट लगने से मौत हो गई। उस्मानपुर गांव निवासी कीर्तिवर्धन सिंह एक दवा कंपनी में काम करता था। मंगलवार शाम वह घर लौट कर मेज पर रखे चलते पंखें को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने लगा। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आकर गंभीर झुलस गया। परिजन उसे लेकर सीएचसी कोठी पहुंचे, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय ही रास्ते में पीड़ित ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि मृतक की शादी ढाई साल पहले शादी हुई थी। उसका एक साल का बेटा भी है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा है। संवाद
जीवित रहने की आस में शव लेकर पहुंचे लखनऊ
सटेहटा गांव के युवक भूपेंद्र को सीएचसी में मृत घोषित करने के बाद परिजन शव लेकर गांव पहुंचे। वहां मौजूद ग्रामीणों ने आशंका जताई कि करंट से मौत होने के 12 घंटे बाद तक व्यक्ति को उचित इलाज मिलने पर जीवित रहने की संभावना रहती है। इस पर परिवार के लोग मृतक भूपेंद्र के शव को लेकर लखनऊ स्थित केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंच गए। यहां भी चिकित्सकों ने परीक्षण बाद भूपेंद्र को पुन: मृत घोषित कर दिया।