बाराबंकी। अयोध्या-लखनऊ हाईवे पर एक सप्ताह पहले लखनऊ के सराफा व्यापारी से हुई लूट का पुलिस ने खुलासा कर दिया। वादी ही लूट का नाटक रचने का मुख्य किरदार निकला। पुलिस ने सराफा व्यापारी व उसके साथी को गिरफ्तार कर करीब 70 लाख रुपये का सोना, पांच लाख की नकदी और एक कार बरामद की है। बुधवार को एसपी अनुराग वत्स ने पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि वादी ने व्यापारियों की ज्वैलरी हड़पने के लिए अपने साथी से मिलकर लूट की फर्जी कहानी गढ़ी थी। दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
एसपी ने बताया कि लखनऊ के चौक थाना क्षेत्र के सराफा व्यापारी समीर खान ने नगर कोतवाली पुलिस को 12 जनवरी की सुबह सूचना दी गई कि 11 जनवरी की रात वह अपनी कार से अयोध्या से आभूषण बेचकर वापस आ रहा था। इसी दौरान हाईवे पर मंजीठा जाने वाले मार्ग के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने बैग में रखे करीब 40 लाख रुपये के आभूषण व नकदी लूट ली और भाग गए।
इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दी। एसपी ने घटना का खुलासा करने के लिए पांच टीमें गठित की थीं। पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज व सर्विलांस की मदद से वादी समीर खान और रायबरेली के गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के पूरे यदुनाथ सिंह निवासी अजीत यादव को गिरफ्तार किया।
एसपी ने बताया कि पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो समीर ने बताया कि लूट की घटना फर्जी थी। उसने सराफा व्यापारी अमित सोनी व कारीगर मोनीरुल इस्लाम से नई डिजाइन के आभूषण बनाने के लिए सोना लिया था। इसके बाद उसके मन में लालच आ गया और वह उसे हड़पना चाह रहा था। ताकि बाद में उसे बेचकर अपना व्यापार बढ़ा सके। इसी चाहत में उसने अपने दोस्त के साथ मिलकर लूट की कहानी बनाई। उनके प्लान के मुताबिक, वह 11 जनवरी को अजीत यादव के साथ लखनऊ से फैजाबाद गया था।
वापस लौटने पर उसने बाराबंकी हाईवे पर अजीत को अमित सोनी व कारीगर मोनीरुल इस्लाम से लिये पांच लाख 50 हजार रुपये, 14.75 ग्राम सोना व ज्वैलरी देकर रायबरेली भेज दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से एक किलो 416 ग्राम नौ मिलीग्राम सोना कीमत करीब 70 लाख व पांच लाख 17 हजार रुपये नकद और एक कार बरामद किया। एसपी ने इस खुलासे के लिए स्वाट/सर्विलांस टीम व नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक की टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।