बाराबंकी। कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार को पूरे जिले में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण रहा। घर-घर में तुलसी पूजन और भगवान विष्णु की आराधना का दृश्य देखते ही बन रहा था। सुबह से ही घरों में शंखनाद, घंटियों और आरती के स्वर गूंज उठे। महिलाओं ने लहंगा-चुनरी और फूलों से तुलसी के पौधे का शृंगार किया।
सुबह से ही महिलाओं ने फूलों की माला और दीपों से तुलसी के पौधे को सजाया। उन्होंने खीर, हलवा, पूड़ी और पंजीरी का भोग लगाकर भगवान विष्णु और तुलसी माता की पूजा-अर्चना की। कई घरों में चौक सजाकर पंचामृत से तुलसी और शालिग्राम का पूजन किया गया। इसके बाद दान-पुण्य कर परिवार के सुख, शांति व समृद्धि की कामना की गई। सिरौलीगौसपुर, कोटवाधाम, अमनियापुर, मदारपुर, रानीकटरा और खजुरी सहित जिले के कई गांवों में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
इसी के साथ धनेतिया संस्कार उत्साह से मनाया गया। पुत्रों के उन्नत और उज्ज्वल भविष्य की कामना के लिए महिलाओं ने पारंपरिक पूजा-अर्चना करके और मंगलगीत गाए। सत्यप्रेमी नगर स्थित भुइहारे बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। दोपहर से लेकर देर शाम तक महिलाओं ने दीप जलाकर अपने पुत्रों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
ग्रामीण अंचलों जैसे टिकैतनगर, दरियाबाद, हरख और आसपास के क्षेत्रों में भी धनेतिया पर्व धूमधाम से मनाया गया। कई परिवार अपनी परंपरा अनुसार ननिहाल पहुंचे। जहां कुल देवताओं की पूजा की गई। महिलाएं मंगलगीत गाती और दीपक जलाकर अपनी आस्था प्रकट करती नजर आईं।