समाज सेवा से जुड़ी एवं गरीबों और महिलाओं के उत्थान के लिए काम करने वाली नाहिद अकील को वीमेन ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया 2016 के सम्मान से नवाजा गया। यह अवार्ड नीति आयोग की तरफ से दिल्ली में आयोजित कर्यक्रम में शुक्रवार को आईसीआईसीआई बैंक की एमडी चंदा कोचर ने दिया।
समारोह को संबोधित करते हुए नाहिद अकील ने कहा कि हमारे मुल्क में इन दिनों महिलाओं के ऊपर हिंसा काफी बढ़ गई है, जिस तरह से अनुसूचित जाति के लोगों को जाति सूचक गाली देने पर कड़े कानून के द्वारा सख्त सजा का प्रावधान है ठीक उसी तरह महिला सूचक गाली देने पर भी कड़ा कानून बनाया जाए। उन्होंने कहा कि मेरा यकीन है कि महिला हिंसा के मामलों में 50 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
इसी के साथ उन्हाेंने नीति आयोग को सुझाव के तौर पर कहा कि मुल्क में लगातार सामाजिक संस्थाओं की तादाद बढ़ती जा रही है मगर उसके लिए कोई ठोस नीति नहीं है, जो भी संस्थाएं पंजीकृत होती हैं, उन्हें 10 वर्ष के लिए सरकार द्वारा यह निर्धारित कर दिया जाना चाहिए कि एक जिले के एक विकास खंड में ही वो संस्था कार्य करेगी और प्रगति के आधार पर ही पर उनका कार्य क्षेत्र बढ़ाया जाएगा।
ऐसा करने पर प्रगति भी आंकी जा सकती हैं और समाज सेवा के क्षेत्र में आ रहे अरबों रुपये की मॉनीटरिेग भी की जा सकती है।
महिलाओं के हक को लेकर बुलंद की आवाज
मैंने औरतों के दुख और उनकी तनहाई को बहुत करीब से देखा और समाज का रवैया बखूबी समझा। वर्ष 2007 में एकल महिला मंच के रूप में एक मंच खड़ा किया। जिसमें उत्तर प्रदेश के बारह जनपदों की करीब सौ पार्टनर संस्थाएं जुड़ी हैं।
स मंच ने ऐसी महिलाओं के हकों की आवाज बुलंद की जो विधवा हैं, तलाकशुदा हैं। जिनके पतियों ने उन्हें छोड़ दिया है या फिर अकेले रहने की इच्छुक हैं। मैंने 10 बच्चियों को गोद लिया है। जिसकी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हूं। गरीबों, वंचितों की आवाज को मजबूती देने के लिए मैंने जनपद में प्रयत्न विकास मंच का गठन किया है। जिसके जनपद में बीस हजार सदस्य बन चुके हैं।