बाराबंकी। त्योहार का सीजन शुरू होने से पहले ही यात्रियों के लिए घर लौटने का सफर मुश्किल हो गया है। बाराबंकी से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनें फुल हैं। बसों में भी पैर रखने की जगह नहीं है। रेलवे रिजर्वेशन काउंटर और ऑनलाइन बुकिंग साइटों पर प्रतीक्षा सूची सैकड़ों तक पहुंच गई है। बाराबंकी जंक्शन से रोजाना 156 ट्रेनें गुजरती हैं।
दिवाली और छठ जैसे त्योहारों पर घर लौटने का सपना अब टिकट की लंबी वेटिंग में उलझ गया है। बाराबंकी जंक्शन से गुजरने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, कोलकाता और बिहार जाने वाली ट्रेनों में 150 से अधिक वेटिंग चल रही है। 25 अक्तूबर तक आरक्षण नहीं है। रेलवे काउंटरों और ऑनलाइन टिकट साइटों पर हर बार ‘नो सीट अवेलेबल’ का संदेश यात्रियों की उम्मीद तोड़ देता है। कई यात्री वेटिंग टिकट लेकर किसी तरह घर पहुंचने की उम्मीद लगाए हैं।
ट्रेनें फुल होने से बसों में यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। रोडवेज बसें ठसाठस भरी हैं। यात्री खड़े-खड़े सफर करने को मजबूर हैं। वहीं, कुछ निजी बस संचालकों ने मौके का फायदा उठाते हुए किराया बढ़ा दिया है। स्टेशन अधीक्षक अरुण रायजादा ने बताया इस समय यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ ज्यादा है। इस बार भी मांग बहुत ज्यादा है।
- इन ट्रेनों में हैं वेटिंग
कुसी नगर एक्सप्रेस में 24 अक्तूबर तक 44 वेटिंग, गोरखपुर–पनवेल एक्सप्रेस में 30 अक्तूबर तक 107, अयोध्या एक्सप्रेस में 25 अक्तूबर तक 40, गोरखधाम एक्सप्रेस में 25 अक्तूबर तक 200, छपरा एक्सप्रेस में 25 अक्तूबर तक 126 और फरक्का एक्सप्रेस में 25 अक्तूबर तक 130 वेटिंग है। अमृत भारत एक्सप्रेस में भी 25 अक्तूबर तक 9 वेटिंग चल रही है।