बाराबंकी। राजधानी लखनऊ के करीब बाराबंकी शहर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए भले ही कई कवायदें शुरू की गई हों, मगर हैरानी वाली बात यह है कि शहर में ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र व कस्बों का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इसलिए आज भी शहर के कई चौराहों पर जाम लगता है और यातायात कर्मी इशारा करते-करते परेशान हो जाते हैं।
शहर का यातायात बड़ा ही बेतरतीब है। एक ओर जहां लखनऊ अयोध्या हाईवे शहर के बाहर से गुजरता है तो वहीं अंदर पुराना मार्ग गुजरा है। रामनगर तिराहे से ही बहराइच हाईवे शुरू हो जाता है तो पटेल तिराहे से देवा फतेहुपर होते हुए सीतापुर का मार्ग जाता है।
बस अड्डा भी शहर के अंदर ही संचालित होता है। ऐसी हालत में पटेल तिराहा, नाका सतरिख चौराहा, बड़ेल चौराहा, रामनगर तिराहा, कचहरी मोड़, पुलिस लाइन चौराहे पर आए दिन जाम के हालात बने रहते हैं। इनमें केवल पटेल तिराहे व नाका चौराहे पर यातायात कर्मी ही मौजूद रहते हैं। बाकी सभी रामभरोसे हैं। ट्रैफिक सिग्नल न होने से शहर में जाम लगने से लोगों को परेशानी होती है।
नाली के पास पड़ा टूटा सिग्नल का खंभा
पटेल तिराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट करीब दो वर्ष पहले लगाई गई थी। लोगों को हरी व लाल लाइट की समझ आने ही लगी थी कि सिग्नल बंद हो गया। कुछ माह पूर्व पटेल तिराहे पर भारी वाहन की टक्कर से सिग्नल का वाला खंभा टूट गया। तब से व्यवस्था ध्वस्त पड़ी है। टूटा हुआ सिग्नल का खंभा अभी भी नाली के पास पड़ा है।
शहर एक नजर में
नेशनल हाईवे- दो
स्टेट हाईवे- दो
आबादी- 3.5 लाख
चौराहे- करीब 18
छोटी सड़कें- करीब 28
देवा रोड पर जाम में फंसी एंबुलेंस
करीब साढ़े तीन लाख की आबादी वाले शहर में बहुत से लोग सुबह बाहर से आते और शाम को वापस जाते हैं। सुबह-शाम शहर में जाम की समस्या गंभीर हो जाती है। खासकर स्कूलों में छुट्टी होने के समय तो हालात और भी खराब हो जाते हैं। सोमवार को सुबह 10:45 बजे देवा रोड पर ओवरब्रिज के पास जाम लग गया। एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई।
लगाई जा रही कंट्रोल यूनिट
ट्रैफिक लाइट का संचालन पुलिस लाइन में प्रस्तावित एकीकृत ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर से किया जाएगा। इसके लिए कंट्रोल यूनिट लगाई जा रही है।
- संजय कुमार शुक्ला, ईओ