डेंगू की चपेट में आकर तीन और लोगों की जान चली गई। हालत गंभीर होने पर परिवारीजन लखनऊ में अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराकर उपचार करा रहे थे। परिवारीजनों का कहना है कि डेंगू रोग क्षेत्र में कहर बनता जा रहा है और विभाग इस पर रोक नहीं लगा पा रहा है। डेंगू को लेकर लोगों में दहशत का माहौल है।
वहीं डेंगू की चपेट में आकर अब तक जिले में 48 लोगाें की मौत हो चुकी है।
दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार बीती रात कोतवाली अंतर्गत गाजीपुर निवासी उमाशंकर मिश्र के (32) वर्षीय पुत्र जयदीप मिश्र की मौत इलाज के दौरान लखनऊ स्थित एक निजी अस्पताल में हो गई।
परिवारीजनों ने बताया कि गत 13 अक्टूबर को हालत खराब होने पर उपचार के लिए लखनऊ ले जाया गया था जांच में डेंगू की पुष्टि के बाद चिकित्सकाें ने उपचार शुरू किया था लेकिन बीती रात करीब दस बजे उसकी मौत हो गयी। रामसनेहीघाट प्रतिनिधि के अनुसान सनौली निवासी रविशंकर (14) पुत्र रामसहाय की मौत भी बीती रात लखनऊ स्थित मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हो गई।
परिवारीजनों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा था तथा जांच कराने पर डेंगू के लक्षण पाए गए थे इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा सोहिलपुर हथौंधा निवासी अनंतराम (40) की भी मौत डेंगू की चपेट में आने से हुई है।
परिवरीजनों ने बताया कि जांच में डेंगू पाया गया था चिकित्सक उपचार भी कर रहे थे लेकिन हालत में सुधार नहंी हो रहा था और शुक्रवार की भोर मौत हो गई। वहीं महुलारा निवासी प्रकाश में डेंगू के लक्षण पाए जाने पर परिवारीजन उपचार के लिए लखनऊ ले गए जहां पर उपचार चल रहा है लेकिन हालत गंभीर बताई जा रही है।
रामसनेहीघाट क्षेत्र में डेंगू से तीन लोगों की मौत का मामला संज्ञान में नहीं आया है। क्योंकि पीड़ितों को परिवारीजन उपचार के लिए लखनऊ लेकर चले जाते हैं इसलिए इसकी कोई सूचना नहीं रहती है। फिलहाल संबंधित सीएचसी के चिकित्सक को भेजकर इसकी जांच कराई जाएगी।-डॉ. डीआर सिंह, सीएमओ