हैदरगढ़ (बाराबंकी)। हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र के वैदनखेड़ा मजरे रौनी गांव में एक अधिवक्ता के घर में घुसे चोर लाखों के सोने-चांदी के गहने व एक लाख रुपये की नकदी चोरी कर ले गए। पूरी रात चोर घर में चोर वारदात करते रहे मगर, सोए परिवारीजनों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह दरवाजे, अलमारी व बक्सों के टूटे ताले व बिखरा सामान देख वे परेशान हो गए।
इसकी सूचना पुलिस को दी। मामले की जांच करने पहुंची पुलिस ने लाखों की चोरी के मामले में भी डॉग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम को बुलाने की जरूरत नहीं समझी। चोरी की इस बड़ी वारदात को कम करने के लिए दिनभर तहरीर बदलवाने के खेल में देर शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की।
वैदनखेड़ा मजरे रौनी गांव के निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय के मकान में बुधवार रात घुसे चोरों ने दो मंजिल के कमरों के दरवाजे तोड़कर एक-एक कमरे को खंगाला। चार अलमारी, दीवान व बक्से के ताले तोड़कर पत्नी, बहू व चाची समेत चार महिलाओं के सोने-चांदी के आभूषण व एक लाख रुपये की नकदी चोरी कर ले गए। पूरा परिवार घर में सोता रहा मगर, उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह घर में टूटे पड़े ताले व बिखरे पड़े सामान से घटना की जानकारी हुई।
मामले की सूचना देने पर पुलिस जांच करने पहुंची। मगर, पीड़ित की तहरीर बदलवाने में जुटी पुलिस ने डॉग स्क्वॉयड व फोरेंसिक टीम तक को बुलाने की जरूरत नहीं समझी। इसके चलते देर शाम तक केस दर्ज नहीं हो सका। पीड़ित अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने तीन बार तहरीर बदलवाई। पहले जेवर व नकदी की मात्रा कम करने को कहा।
दोबारा गहनों को पूरा डिटेल दर्शाने को कहा। इसके बाद संतुष्ट न होने पर दोनों की कीमत लिखकर लाने की बात कही। इस बाबत सीओ डा. बीनू सिंह ने बताया कि अधिवक्ता को चोरी गए सामान की सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसके मिलने के बाद केस दर्ज कर घटना का खुलासा किया जाएगा।