वकीलों के अदालत के बहिष्कार करने के बाद कोर्ट में कार्य कर रहीं जिलाधिकारी डॉ.रोशन जैकब से खफा वकीलों ने डीएम अदालत का घेराव कर नारेबाजी की। जिलाधिकारी ने कहा कि न्याय दिलाने का कार्य आप का भी और हमारा भी है।
कोर्ट के कार्य निपटाने के लिए बहिष्कार का कोई लेना देना नही है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए वहां से चले गए। करीब आधे घंटे तक हुए शोर-शराबे के बीच डीएम कोर्ट से आवास चली गईं।
कलेक्ट्रेट कचहरी में स्थित विभिन्न न्यायालयों/ कार्यालयों में व्याप्त अनियमितताओं को लेकर अधिवक्ताओं ने तीन मार्च तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का फैसला किया था। जिला बार एसोसिएशन द्वारा घोषित हड़ताल के फैसले के बावजूद शुक्रवार को डीएम डॉ. रोशन जैकब अदालत में बैठकर मुकदमों की सुनवाई कर रही थीं।
इस खबर पर जिला बार एसोसिएशन अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह बब्बन, महामंत्री नरेंद्र वर्मा सहित कई पदाधिकारी व पूर्व पदाधिकारी वकीलों के साथ डीएम की अदालत तक पहुंचे गए। वकीलों ने डीएम से अदालती कार्य न निपटाने की मांग की। इस पर दोनों पक्षों में नोक झोंक हुई। डीएम ने कहा कि वकीलों का व मेरा उद्देश्य एक है पीड़ित को न्याय दिलाना लेकिन इंसाफ तभी मिलेगा जब हम आप काम करेंगे।
डीएम ने कहा कि इस जिले में गुंडा एक्ट के मुकदमे बहुत लंबित हैं अतएव शीघ्रता से निस्तारण किया जा रहा है। वकीलों ने आरोप लगाया कि वाजदायरा रेस्टोरेशन के मामले तथा ट्रांसफारवाद संबंधी मामलों की सुनवाई नही की जा रही है। डीएम ने कहा सभी मामले सुने जाएंगे। इसके बाद शाम को डीआरडीए में बार के पदाधिकारियों के साथ डीएम की शिष्टाचार मुलाकात हुई।
जिसमें होली के बाद विभिन्न मुददों पर एक दूसरे को सहयोग की सहमति बन गई। पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी एवं रमन द्विवेदी, पूर्व महामंत्री शिवकुमार शुक्ला, आशिक, वीरेंद्र तिवारी, राहुल सिंह, राजू तिवारी, प्रमोद वर्मा, रितेश मिश्रा आदि सैकड़ों वकील मौजूद रहे।