हैदरगढ़। स्थानीय तहसील क्षेत्र में दो दशक पहले मंडी परिषद द्वारा बनाई गई सड़कों का कोई पुरसाहाल नहीं है। देखभाल व मरम्मत काम न होने से यह बदहाल पड़ी हैं। बरसात में वाहन के साथ ही इन सड़कों पर पैदल चलना तक दुश्वार हो गया है। क्षेत्रीय लोगों की शिकायत के बाद भी इन सड़कों की बदहाली दूर कराने को लेकर जिम्मेदार उदासीन बने हैं।
वर्ष 2001 में राजनाथ सिंह के कार्यकाल में मंडी परिषद की तरफ से करीब तीन दर्जन सड़कों का निर्माण कराया गया था। इनमें से कई सड़कें बाद में लोक निर्माण विभाग को स्थानांतरित हो गईं। इनकी मरम्मत का काम नियमित अंतराल पर होता रहता है लेकिन मंडी परिषद के जिम्मेदार इसे लेकर पूरी तरह उदासीन बने हैं।
नईसड़क-हैदरगढ़ मार्ग से जुड़े जलालपुर-दुनौली मार्ग की लंबाई करीब आधा किलो मीटर है। वर्ष 2002 में मंडी परिषद से निर्माण हुआ था। वर्ष 2015 में एक बार मरम्मत की गई। इसके बाद से इसकी बदहाली कायम बनी है। इस मार्ग से अकबरपुर, मुबारकपुर, पूरे जिया, पूरे तलई व भेड़िया गांव जुड़े हैं। इसी तरह दूसरी सड़क पूरे लट्ठन होकर होकर करीब सवा किलोमीटर लंबी है। जिस पर गड्ढों में भरा बरसात का पानी अक्सर हादसों का कारण बनता है।
तीसरी सड़क रायबरेली मार्ग पर कबूलपुर से सुजारा होकर पूरेझाम तिवारी तक गई है। 15 साल से इस सड़क की मरम्मत नहीं हुई। हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत भी कई बार शासन स्तर पर इसके लिए पत्राचार कर चुके हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि सड़क जब उनके विभाग को स्थानांतरित की जाएगी तब इनकी मरम्मत का काम होगा।