कोटवाधाम। शाम होते ही रोडवेज की बस सेवा यात्रियों का साथ छोड़ देती है। इससे परेशान लोगों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों अथवा निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। सामान्य यातायात के अलावा धार्मिक पर्यटन को देखते हुए इलाके में रोडवेज बस सेवा की काफी जरूरत महसूस की जाती है। बसें न मिलने से यात्रियों का काफी परेशानी उठाना पड़ती है।
लोधेश्वर महादेवा, कुंतेश्वर धाम, देव वृक्ष पारिजात व कोटवाधाम तीर्थ स्थल होते हुए अयोध्या जाने के लिए भेलसर तक का रास्ता जुड़ा है। क्षेत्र के तमाम लोग अयोध्या भी आवागमन करते हैं। इसके बावजूद इस रूट पर गंतव्य तक पहुंचने के लिए शाम पांच बजे के बाद बसें नहीं मिलती।
अयोध्या की सीमा भेलसर से बारिनबाग, खेतासराय, नियमातगंज, टिकैतनगर, कोटवाधाम व रामनगर को होते हुए मुख्यालय और राजधानी को जाने वाली बाराबंकी डिपो व कैसरबाग डिपो की बसें सिर्फ दिन में ही चलती हैं। आखिरी बस टिकैत नगर से शाम पांच बजे निकलती है। इसके बाद कोई बस यहां से नही जाती है। अगर कोई यात्री देर में आता है तो उसे निजी वाहनों से बदोसराय या रामनगर जाना पड़ता है। इसके बाद गोंडा-बहराइच हाईवे से दूसरी बस लेकर गंतव्य तक जाने की परेशानी उठाना पड़ती है।
टिकैतनगर से कोटवाधाम रूट पर शाम को बसों का संचालन बंद होने से दैनिक यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। वह अगर शाम को लखनऊ की तरफ जाना चाहते हैं, तो उन्हें बस सेवा का लाभ नही मिलता। अयोध्या से सीतापुर, लखीमपुर, बरेली, शाहजहांपुर, गोंडा व बहराइच वाले श्रद्धालु भी इसी मार्ग से आवागमन करते हैं। उन्हें में शाम के बाद बसें न मिलने से दिक्कत होती है। एआरएम जमीला खातून का कहना है कि इस परेशानी को दूर कराने के लिए मुख्यालय से मिलने वाली अतिरिक्त बसों को लगाया जाएगा।