बाराबंकी। नेपाली पानी की वजह से तराई में हाहाकार मच गया है। सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 94 सेमी. ऊपर पहुंच जाने के कारण तराई के 60 गांव पूरी तरह से बाढ़ की चपेेट में आ गए हैं। गांवों में पानी भर जाने से यहां के लोग अपना सब कुछ छोड़कर तटबंध पर शरण लेने पहुंच रहे हैं। वहीं नदी की धारा में आकर पासिनपुरवा गांव के तीन घर बह गए हैं जबकि इस गांव के अभी कई और घर नदी के निशाने पर हैं। नदी का पानी लगातार बढ़ता ही जा रहा है वहीं नदी का बढ़ता जलस्तर देख प्रशासनिक अमला भी सतर्क हो गया है और बचाव राहत कार्य में जुटा हुआ है।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू में नेपाल द्वारा चार दिनों से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 94 सेमी. ऊपर पहुंचने के साथ ही जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है गुरुवार को नदी का पानी खतरे के निशान से एक मीटर से ऊपर पहुंचने का अनुमान है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख तराई में हाहाकार मच गया है और यहां की करीब 80 हजार की आबादी बेघर हो गई है।
वहीं रामनगर क्षेत्र के कोरियनपुरवा, तपेसिपाह, दुर्गापुर, लहड़रा तथा सूरतगंज क्षेत्र के हेतमापुर, कंचनापुर, लोहटी जेई, लोहटी पसई, सुंदरनगर, कोड़री, ललपुरवा, सरसंडा, कोयली पुरवा, पर्वतपुर मदरहा, गायघाट, बतनेरा और सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा, सनावा, भयका पुरवा, कहारनपुरवा, विहड़, सिरौलीगुंग, कोठीडीहा, परसा, ठेकवा, टटेरवा, घुटरू, सरदहा, बघौली पुरवा, सरयसुर्जन, भयरवकोल, गोबरहा, तेलवारी, इटहुआ, पासिन पुरवा, नव्वनपुरवा, पारा, परसावल व बेहटा समेत करीब पांच दर्जन गांवों में पानी भर गया है। इन गांवों के ज्यादातर परिवार अलीनगर, रानीमऊ तटबंध और हेतमापुर बांध पर शरण लिए हुए हैं। वहीं कई परिवार ऐसे हैं जो मकानों की छत पर तिरपाल तानकर जीवन गुजारने को मजबूर हैं।
तहसील क्षेत्र सिरौलीगौसपुर स्थित पासिनपुरवा मजरे करोनी निवासी झुन्नी, घिराऊ व मनीराम के घर नदी की तेज कटान में बह गए हैं। ये लोग अपना कुछ सामान बचा कर नाव से तटबंध पर आ गए हैं, घर के अन्य लोग बांध पर आने की तैयारी में लगे हुए हैं। इससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। मौके पर पहुंचे राजस्व निरीक्षक राकेश तिवारी व लेखपाल अजय रावत ने लोगों से मुलाकात की और गांव के सभी लोगों को बांध पर आने को कहा।
गनेशपुर क्षेत्र में बाढ़ से घिरे दुर्गापुर गांव पहुंचे तहसीलदार रामदेव निषाद और नायब तहसीलदार आकाश संत ने बुधवार को करीब 250 बाढ़ पीड़ितों में राहत सामग्री का वितरण किया। बताया कि राहत किट में आटा, चावल, आलू, लाई, भुना चना, तेल, नमक, सब्जी मसाला, मोमबत्ती, साबुन, माचिस, मच्छरदानी व तिरपाल आदि है जिसका वितरण लगातार बाढ़ पीड़ितों में किया जा रहा है। इस मौके पर हर्षित पांडेय, मधुकर मिश्र, प्रदीप सिंह व रविशंकर अवस्थी आदि मौजूद रहे।
सिरौलीगौसपुर के एसडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने बताया कि सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से 94 सेमी. ऊपर पहुंच गया है और नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिन गांवों में पानी भर गया है, वहां के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राजस्व टीम को लगाया गया है। बाढ़ पीड़ितों को यथासंभव मदद पहुंचाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। बाढ़ में लगे सभी राजस्व कर्मियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।