स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों के लिए होने वाली भर्तियां पहले भी सुर्खियों में रह चुके हैं। इससे पहले भी पैसे के लेन-देन के आरोपों के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने इन भर्तियों को निरस्त कर दिया था। लेकिन एक बार फिर वहीं प्रक्रिया शुरू हो गई है एक तरफ कलक्ट्रेट में साक्षात्कार की प्रक्रिया चल रही है तो दूसरी तरफ दलाल सक्रिय नजर आ रहे हैं।
पिछले आरोपों को देखते हुए जिलाधिकारी अजय यादव ने इस बार स्वास्थ्य विभाग में होने वाली भर्ती प्रक्रिया की कमान खुद ही संभाल ली है। डीएम, सीडीओ और एडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनी है। यही कमेटी भी पूरी प्रक्रिया को अमली जामा पहनाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में आयुष चिकित्सक, स्टॉफ नर्स, फार्मासिस्ट, जीएनएम, एसटीएस समेत करीब 171 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग में नौकरी दिलाने वाले दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
पद के अनुसार रुपयों की डिमांड की जा रही है। नौकरी दिलाने को सक्रिय यह दलाल पांच लाख रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक मांग रहे हैं। यहीं नहीं सौ प्रतिशत तक नौकरी दिलाने की गारंटी तक ली जा रही है। जबकि इससे पहले भी इन्हीं पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी।
तत्कालीन सीएमओ पर भर्ती के नाम पर अवैध वसूली किए जाने का आरोप लगा था। तत्कालीन जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र द्वारा कराई गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर उन्होंने भर्ती कि इस पूरी प्रक्रिया को निरस्त करते हुए शासन को पत्र भी लिखा था। लेकिन निजाम बदलने के साथ एक बार फिर से नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।
स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए साक्षात्कार शुरू हो गए हैं। डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी साक्षात्कार ले रही है। साक्षात्कार के बाद जो सूची जारी होगी उसे जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद भी जारी किया जाएगा। यदि भर्ती कराने के नाम पर पैसा मांगने की कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. सतीश चन्द्रा, सीएमओ