बाराबंकी। बीते वर्ष सरयू नदी की कटान को रोकने के लिए सरकार ने करोड़ों की परियोजना को मंजूरी दी थी। जिससे नदी में ड्रेजिंग करने के साथ आबादी वाले क्षेत्र में जिओ बैग सहित अन्य कटान रोकने का कार्य करना था। जिसका समय 15 जून निर्धारित किया गया था। समय बीत जाने के बाद भी परियोजना का कार्य पूरा नहीं किया जा सका था। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में बहने वाली सरयू नदी सिरौलीगुंग गांव से गोबरहा गांव के समीप तक करीब तीन किलोमीटर तक नदी में ड्रेजिंग करने की जिम्मेदारी इस बार बाढ़ अनुरक्षण खंड वाराणसी को दी गई थी। जो वर्ष 2025 में अप्रैल माह से 15 जून तक पूरा करना था।
कार्यदायी संस्था द्वारा नदी में चैनल बनने का कार्य पूरा कर लिया था, पर आबादी की ओर जिओ बैग चिपिंग अन्य कार्य नदी में पानी आने के कारण रह गए थे। टेपरा और सनावा गांव के पास कटान भी हुई थी। बाढ़ के दिनों में जिसपर डीएम ने ठेकेदार और बाढ़ खंड के अधिकारियों को फटकार भी लगाई थी। ड्रेजिंग की परियोजना को पूरा करने का निर्देश दिया गया था।
पिछली परियोजना में नदी में निकली करोड़ों रुपये की सिल्ट की भी नीलामी नही हो पाई थी। जो बाढ़ के पानी में बह गई थी। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शशिकांत सिंह ने बताया की ड्रेजिंग कार्य की परियोजना से जिले का कोई लेना देना नही है। पर जहां पर कार्य बचा हुआ था वह समय पर किया जाना है।