बाराबंकी। उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी की निदेशक व बाराबंकी की नोडल अधिकारी नीना शर्मा ने सोमवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उनकी नजर एक तीमारदार पड़ी, जिसके हाथ में एक परची और पाॅलिथीन थी। पास बुलाकर हाल पूछा तो उसने बताया कि बेटे को पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है, दवा लेने आया था। डॉक्टर ने कुछ दवाएं अस्पताल से दी है और परची दिखाते हुए कहा कि कुछ दवाएं बाहर से लिख दी है। इस पर नोडल अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सीएमएस और सीएमओ को इसकी जांच करने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल में बने ऑक्सीजन प्लांट, क्रिटिकल केयर यूनिट को जल्द से जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि प्रत्येक बेड तक ऑक्सीजन, फायर सेफ्टी और जल निकासी की व्यवस्था हो। यदि आवश्यक हो तो क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए नया ऑक्सीजन प्लांट लगाया जाए। उन्होंने राजकीय कार्यालय परिसर में ट्रांजिट हॉस्टल और नवाबगंज में कल्याण मंडप का भी निरीक्षण किया।
नोडल अधिकारी ने गांधीनगर वार्ड के लोगों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। लोगों ने नाली, सड़क और स्ट्रीट लाइट से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। इस पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जहांगीराबाद स्थित गो संरक्षण केंद्र का निरीक्षण कर उन्होंने गायों को गुड़-चना खिलाया। गोमूत्र संग्रहण और बीमार पशुओं की विशेष देखभाल के निर्देश दिए। इस दाैरान डीएम शशांक त्रिपाठी, सीडीओ अन्ना सुदन, सीएमओ डॉ. अवधेश यादव, एडीएम निरंकार सिंह, एसडीएम आनंद तिवारी, सीएमएस डॉ. जेपी मौर्य, ईओ संजय शुक्ला आदि मौजूद रहे।
शिक्षा सुविधाओं की समीक्षा
नोडल अधिकारी ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुजीब पुर का निरीक्षण कर छात्राओं को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को परखा तो छात्रों से बात कर शिक्षण व्यवस्था की जानकारी ली। शिक्षिकाओं ने विद्यालय के पास फैक्टरी से होने वाले वायु प्रदूषण और दुर्गंध की शिकायत की। उन्होंने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा का निरीक्षण कर ओपीडी और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रसूता महिलाओं को पोषणयुक्त भोजन देने के निर्देश दिए।