श्रुतिमान शुक्ल/राजकुमार तिवारी
बाराबंकी। लखनऊ से बाराबंकी, अयोध्या और बस्ती होते हुए गोरखपुर तक जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर अब कैमरों से निगरानी की जाएगी। करीब 270 किलोमीटर लंबे हाईवे पर प्रत्येक किलोमीटर में दो कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए अहमदपुर टोल प्लाजा के पास कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यहां से हाईवे पर होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। एनएचएआई ने परियोजना पर काम शुरू करा दिया है।
एनएच-27 का करीब 50 किलोमीटर हिस्सा बाराबंकी जिले से गुजरता है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब 30 से 35 हजार वाहनों का आवागमन होता है। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में सबसे ज्यादा सड़क हादसे इसी हाईवे पर होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं के मामले में बाराबंकी देश के 100 प्रमुख जिलों में शामिल है, जबकि प्रदेश में इसका स्थान 12वां है। ऐसे में हाईवे पर कैमरों से निगरानी की व्यवस्था को हादसों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
योजना के तहत करीब 550 कैमरे लगाए जाएंगे। इनके जरिए तेज रफ्तार से वाहन चलाने, गलत लेन में घुसने और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। दुर्घटना होने पर घटनास्थल की जानकारी मिलने और राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीमों को तत्काल पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।
एनएचएआई ने शुरू कराया काम
एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न कुमार ने बताया कि कैमरे लगने से हाईवे की 24 घंटे निगरानी की जा सकेगी। इसके लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने का काम शुरू करा दिया गया है। परियोजना का उद्देश्य यातायात व्यवस्था पर नजर रखने के साथ सड़क हादसों को नियंत्रित करना और दुर्घटना होने पर तत्काल सहायता पहुंचाने में मदद करना है।
यातायात डायवर्जन और आपराधिक घटनाओं पर भी नजर
अयोध्या में धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात डायवर्जन किए जाने पर कैमरों की मदद से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी। इसके अलावा हाईवे पर होने वाली आपराधिक घटनाओं की जांच में भी कैमरों की फुटेज उपयोगी साबित हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से लखनऊ से गोरखपुर तक हाईवे की निगरानी एक ही स्थान से की जा सकेगी।