गोमती के डल्लूखेड़ा घाट के पास मौज मस्ती करते श्रद्वालु।
सफेदाबाद। नवरात्र शुरू होते ही डल्लू खेड़ा स्थित प्रसिद्ध शैलानी माता मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। माता के दर्शन के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु पास से बह रही गोमती नदी के किनारे पहुंच रहे हैं। यहां लोग सुरक्षा की अनदेखी कर उफनाती नदी में उतरकर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।
इन दिनों गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से मंदिर के पास बना पक्का घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है। इसके बावजूद श्रद्धालु और युवा नदी में उतरकर मौज-मस्ती करने के साथ तस्वीरें खींच रहे हैं। तेज बहाव के बीच बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के पानी में उतरना कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है।
स्थानीय निवासी गयादीन, राम सुमिरन और रमेश ने बताया कि पानी में डूबी घाट की सीढ़ियों पर भारी मात्रा में काई जम गई है। इससे सीढ़ियों पर पैर रखते ही फिसलने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति फिसलकर गहरे पानी में चला गया तो तेज बहाव के कारण उसे बचाना मुश्किल हो सकता है।
घाट पर लोग उफनाती नदी की धाराओं के बीच खड़े होकर सेल्फी और तस्वीरें ले रहे हैं। कई लोग अपने छोटे बच्चों को भी पानी के बीच खड़ा करके फोटो खिंचवा रहे हैं। ऐसे में जरा सी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है और परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल सकती हैं।
इसके बावजूद घाट पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कराने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को नदी में उतरने से रोका जा सके।
बैरिकेडिंग कराकर लगवाया जाएगा चेतावनी बोर्ड
प्रभारी एसडीएम नवाबगंज भावना सिंह ने बताया कि तहसील की टीम को मौके पर भेजकर घाट पर बैरिकेडिंग कराने और चेतावनी बोर्ड लगवाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि मंदिर आने वाले श्रद्धालु घाट तक न जाएं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि भक्ति के उत्साह में सुरक्षा से समझौता न करें और बहते पानी व डूबे हुए घाट से दूरी बनाए रखें।