बाराबंकी। अंतरजनपदीय बस स्टेशन पर इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का कार्य पावर कॉर्पोरेशन की लापरवाही के कारण महीनों से अधर में लटका हुआ है। इससे जिले को मिली आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का समुचित संचालन प्रभावित हो रहा है।
एआरएम जमीला खातून ने बताया कि चार्जिंग स्टेशन के लिए 720 केवीए विद्युत कनेक्शन एवं संबंधित अन्य कार्यों के लिए पावर कॉर्पोरेशन द्वारा 2.36 करोड़ रुपये का स्टीमेट तैयार किया गया था। स्टीमेट के अनुसार परिवहन निगम ने पूरी धनराशि पावर कॉर्पोरेशन के पास जमा कर दी है।
करीब आठ माह पहले जिले को प्रथम चरण में तीन तथा दूसरे चरण में पांच, कुल आठ डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें मिली थीं। लेकिन चार्जिंग स्टेशन का कार्य पूरा न होने के कारण ये बसें बस स्टेशन परिसर में खड़ी धूल खा रही हैं। वर्तमान में केवल दो बसों का संचालन कमता लखनऊ से किया जा रहा है। परिवहन निगम ने बीते नवंबर माह में ही स्टीमेट की राशि जमा कर दी थी, इसके बावजूद पावर कॉर्पोरेशन द्वारा अब तक केवल ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। विद्युत लाइन बिछाने का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एआरएम ने पावर कॉर्पोरेशन के उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर शीघ्र कार्य पूर्ण कराने की मांग की है। वहीं, अधीक्षण अभियंता राजबाला ने बताया कि कार्य में हो रही देरी को लेकर संबंधित अधिशासी अभियंता से जानकारी मांगी गई है तथा जल्द ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी।