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Barabanki News: पति द्वारा नहर में फेंकी गई महिला का शव बरामद, दूसरा शव बना पहेली

Thu, 08 Jan 2026 10:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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पत्नी को नहर में धकेलने का आरोपी मनोज पुलिस कर गिरफ्त में
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बाराबंकी। बदोसराय थाना क्षेत्र में पति द्वारा नहर में फेंकी गई महिला का शव बृहस्पतिवार की देर शाम मिल गया। अपराध कबूल करने वाले पति को पुलिस दोपहर में ही अपहरण के आरोप में कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इसी के साथ नहर में मिले दूसरी महिला का शव अब तक पहेली बना है। कहीं दोनों घटनाएं एक-दूसरे से जुड़ी तो नहीं, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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घटना 30 दिसंबर की है। इसी दिन असंद्रा थाने के पूरे छविनाथ शुक्ल गांव निवासी मनोज कुमार अपनी पत्नी सुनीता के साथ बदोसराय में लगने वाले कोटवाधाम मेले में जाने की बात कहकर घर से निकले थे। इसके बाद दोनों रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। अगले दिन 31 दिसंबर को मनोज के भाई उमेश ने असंद्रा थाने में भाई और भाभी की गुमशुदगी दर्ज कराई। लेकिन दो जनवरी को मनोज अचानक घर लौट आया। उसने बताया कि पत्नी सुनीता मेले में उससे बिछड़ गई और काफी खोजबीन के बाद भी नहीं मिली। पांच जनवरी को नया मोड़ तब लिया, जब बदोसराय क्षेत्र की नहर से अज्ञात महिल का शव बरामद हुआ। असंद्रा पुलिस ने सक्रिय हुई और मनोज को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ क तो वह टूट गया। मनोज ने स्वीकार किया कि बदोसराय के अद्रा गांव के पास उसने अपनी पत्नी सुनीता को नहर में धकेल दिया था। लेकिन पुलिस तब सन्न रह गई जब मनोज व सुनीता की मां ने यह कह दिया कि यह शव सुनीता का नहीं है। लेकिन एक शव मिलने के बाद दूसरा हत्या का मामला खुल चुका था।
असंद्रा पुलिस ने नहर में धकेली गई सुनीता की मां मोहिनी की तहरीर पर मनोज के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस डीएनए परीक्षण की तैयारी में जुट गई मगर बृहस्पतिवार शाम बदोसराय की नहर में एक और महिला का शव मिला। बदोसराय के एसएचओ अजीत विद्यार्थी ने बताया कि यह शव असंद्रा की सुनीता का है। मां व उसके जेठ ने पुष्टि की है। लेकिन नहर में पांच जनवरी को मिले दूसरे शव की पहचान के प्रयास जारी हैें।
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कहते हैं कि अपराध कितना भी शातिराना क्यों न हो, सच उजागर हो ही जाता है। 30 दिसंबर को पत्नी को नहर में धकेलने या फेंकने के बाद मनोज भी यही समझ रहा था कि वह अपने गुनाह को हमेशा के लिए छिपा लेगा। लेकिन जब अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ तो मनोज को लगा कि शायद वही शव उसकी पत्नी का है और इसी भ्रम में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। लेकिन पोस्टमार्टम हाउस में शव देखा तो सन्न रह गया क्योंकि शव उसकी पत्नी का नहीं था।
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सुनीता और पति मनोज के दो मासूम बच्चे छह साल का बेटा सुधीर और पांच साल की बेटी गुड़िया। भाई न होने के कारण सुनीता को मायके में करीब 12 बीघा जमीन विरासत में मिली थी। आरोप है कि इसी जमीन को हड़पने के इरादे से मनोज ने सुनीता को नहर में धक्का देकर मार डाला। किसी की हिम्मत नहीं पड़ी कि बच्चों से बताए पापा ने मम्मी को मारा।
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