बाराबंकी। देवा क्षेत्र के माती-देवा मार्ग स्थित चांदसराय गांव निवासी घनश्याम वर्मा (40) पर पांच दिन पहले लोहे की राॅड से हमला हुआ था। उनका इलाज केजीएमयू ट्राॅमा सेंटर में चल रहा था। सोमवार देर रात में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है।
पुलिस के अनुसार चांदसराय गांव निवासी घनश्याम वर्मा (40) का छह दिन पहले रामसजीवन यादव पक्ष से विवाद हो गया था। घनश्याम के भाई मनोज वर्मा का आरोप है कि रामसजीवन यादव का कुत्ता काटने के लिए दाैड़ाया था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। मामला देवा कोतवाली पहुंचा, जहां दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया था। मनोज का आरोप है कि अगले ही दिन रामसजीवन यादव, उनके बेटे धर्मेंद्र यादव व उनके बेटे ने घनश्याम वर्मा पर लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। परिजन उन्हें घायल हालत में केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर ले गए थे। देर रात घनश्याम ने दम तोड़ दिया।
देवा कोतवाल अजय त्रिपाठी मौके पर पहुंचे और किसी तरह लोगों को शांत कराया। कोतवाल के अनुसार युवक के फेफड़े में बीमारी भी सामने आई है। रामसजीवन यादव और धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है।
वहीं, शाम को लखनऊ से शव पहुंचा तो सीओ सिटी संगम कुमार पुलिस बल के साथ पहुंच गए। सीओ ने बताया कि परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।