बाराबंकी। विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में जागरूकता एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। डीएम शशांक त्रिपाठी ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि हां, हम टीबी को हरा सकते हैं, भारत के नेतृत्व में टीबी का अंत संभव है, यह संकल्प जिले में साकार हो रहा है।
वर्ष 2025 में जनपद की 122 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इनमें पांच पंचायतों को स्वर्ण, 29 को सिल्वर तथा 88 को कांस्य गांधी जी की प्रतिमाएं दी गईं। डीएम ने टीबी जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए जनजागरूकता, समय पर जांच और नियमित उपचार को आवश्यक बताया। सरकार टीबी मरीजों को निशुल्क जांच, उपचार के साथ पोषण सहायता भी प्रदान कर रही है। उन्होंने ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों से टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की। डीएम ने प्रत्येक ग्राम स्तर पर टीबी रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु नियमित बैठकों के आयोजन के निर्देश दिए। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजीव टंडन ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 100 दिवसीय सघन अभियान चलाया जा रहा है।