हैदरगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हैदरगढ़ में ब्लड स्टोरेज सेंटर का संचालन अधर में लटका हुआ है। शासन द्वारा एक साल पूर्व भेजे गए लाखों रुपये के फ्रीजर व अन्य उपकरण लैब में धूल फांक रहे हैं, जिससे क्षेत्र की पौने तीन लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले इस महत्वपूर्ण केंद्र की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
सीएचसी हैदरगढ़ में प्रतिदिन औसतन 10 से अधिक प्रसव होते हैं। खून की कमी के कारण अक्सर प्रसूताओं और अन्य गंभीर मरीजों को उच्च केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ता है। इन रेफरलों के दौरान मरीजों की हालत रास्ते में गंभीर हो जाती है, जिससे उनकी जान को खतरा बढ़ जाता है। एफआरयू (फर्स्ट रेफरल यूनिट) का दर्जा मिलने के बाद से ब्लड स्टोरेज सेंटर की महत्ता को रेखांकित किया जा रहा था, ताकि समय पर रक्त उपलब्ध कराकर मरीजों की जान बचाई जा सके।
इस अत्यंत आवश्यक सुविधा के लिए शासन द्वारा लाखों रुपये के उपकरण भेजे गए थे, जिनमें फ्रीजर और अन्य संबंधित मशीनरी शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों की उदासीनता और आवश्यक मानव संसाधन की कमी के चलते यह सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। उपकरणों के खराब होने और अनुपयोगी पड़े रहने से सरकारी धन का भी दुरुपयोग हो रहा है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. जयशंकर पांडेय ने बताया कि ब्लड स्टोरेज सेंटर को शुरू कराने की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। शीघ्र ही संचालन होगा।