बाराबंकी। 12 साल पुराने गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ईसी एक्ट राकेश कुमार सिंह की कोर्ट ने अभियुक्त करन को दोषी करार माना है। कोर्ट ने दोषी को पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही पुख्ता साक्ष्य व गवाही न होने पर आरोपी सुनील उर्फ छुटकउ , अनिल व लज्जावती को दोष मुक्त कर दिया।
चमरहिया कस्बा एवं थाना जैदपुर निवासी वादिनी वीना गौतम ने तहरीर देकर बताया था कि 14 अक्टूबर 2013 को समय करीब 3:30 बजे उसके पति मनीराम गौतम तालाब की तरफ पत्तल फेंकने जा रहे थे, तभी पड़ोस के रहने वाले करन ,सुनील उर्फ छुटकउ व अनिल पुत्रगण स्वर्गीय गया प्रसाद तथा गया प्रसाद की पत्नी लज्जावती ने उन्हें रोक कर गालियां देना शुरू कर दिया। इसका विरोध करने पर विपक्षियों ने मनीराम को लाठी व डंडे से पीट कर गंभीर घायल कर दिया। साक्ष्य व गवाही के आधार पर कोर्ट ने करन पुत्र गया प्रसाद को गैर इरादतन हत्या का दोषी मानते हुए सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश भी कोर्ट ने दिया है। (संवाद)