रामनगर/जैदपुर। गड्ढे में भरे बाढ़ के पानी में डूबकर रामनगर क्षेत्र में एक किशोर की मौत हो गई, वहीं सफदरगंज इलाके में शौच के लिए गई महिला तालाब में गिरकर डूब गई। इन हादसों से दोनों ही परिवारों में मात पसरा है।
दो दिन पहले ही टिकैतनगर में बाढ़ के पानी से भरे गड्ढे में डूबकर एक बच्चे की मौत हुई थी। रामनगर कोतवाली क्षेत्र के बलिदानपुरवा मजरे मड़ना गांव निवासी किसान भाईलाल यादव के चार पुत्र हैं। इनमें दूसरे नंबर का बेटा विकास (13) गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा आठ का छात्र था। बुधवार को वह गांव के ही अन्य बच्चों के साथ पशु चराने के लिए निकला था। गांव के बाहर रास्ते में खेतों के पास गड्ढे में सरयू नदी की बाढ़ का पानी भरा था। साथ मौजूद बच्चे भोलू ने बताया कि मवेशी चराते समय विकास अचानक फिसलकर गड्ढे में भरे पानी में गिर पड़ा। पानी गहरा होने के कारण वह बाहर नहीं निकल सका।
भोलू ने दौड़कर इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। जब तक लोग मौके पर पहुंच कर विकास को बाहर निकालते, उसकी मौत हो चुकी थी। घटना स्थल पर पहुंची मां रानी रो-रोकर बेसुध हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया।
उधर, सफदरगंज थाना क्षेत्र के पड़रा गांव निवासी गौरीशंकर की पत्नी सीमा वर्मा (45) बुधवार भोर शौच लेने घर से निकली थीं। पति के अनुसार करीब दो घंटे बाद पता चला कि पत्नी का शव गांव के बाहर तालाब में पड़ा है। आशंका जताई जा रही है कि सीमा का पैर फिसल जाने से वह तालाब में गिर गई होंगी। परिवार में एक 20 वर्षीय पुत्र और 12 व 14 वर्ष की दो बेटियां हैं। घटना से परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
48 घंटे में दूसरी मौत, जानलेवा बना बाढ़ का पानी
रामनगर और सिरौलीगौसपुर क्षेत्रों में सरयू का घटता-बढ़ता जलस्तर क्षेत्रीय लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जिन गांवों में बाढ़ का पानी भरा था, वहां नदी का जलस्तर कम हो जाने के बाद भी गड्ढों और तालाब में बाढ़ का पानी भरा है। टिकैतनगर क्षेत्र में सड़क किनारे भरे पानी में बच्चे की मौत के महज 48 घंटे बाद ही रामनगर में किशोर की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुराने तालाबों से तो लोग वाकिफ रहते हैं, लेकिन बाढ़ के पानी से बनने वाले गड्ढे और पोखर जानलेवा साबित हो रहे हैं। प्रशासन भी इससे होने वाले खतरों को रोकने में उदासीन बना है।