बाराबंकी। शहर के लखपेड़ाबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शुक्रवार को कक्षा 11 की छात्रा नंदिनी (16) क्लास रूम में ही अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। स्कूल प्रशासन ने बिना देरी किए 15 मिनट में ही उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टर ने परीक्षण बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से स्कूल में शोक व्याप्त हो गया।
अस्पताल पहुंचे पिता राजित राम ने रोते हुए पोस्टमार्टम न कराने की बात कही और शव को सीधे गांव लेकर चले गए। शहर कोतवाल आरके राणा ने बताया कि परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लिहाजा शव को गांव भेज दिया गया। वहीं, जिला अस्पताल के अधीक्षक व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा ने प्रथम दृष्टया साइलेंट हार्ट अटैक की आशंका जताई है।
अचानक हुई छात्रा की मौत से न सिर्फ शिक्षक, सहपाठी और अभिभावक बल्कि पूरा शहर स्तब्ध है। इससे पूर्व एक जुलाई को शहर में ही एक दूसरे स्कूल के गेट पर भी कक्षा सात के छात्र की इसी तरह पड़े साइलेंट हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के गुलामपुरवा मजरे पूरे डलई निवासी राजित राम क्षेेत्र में ही फूलचंद चौराहे के पास कीटनाशक की दुकान चलाते हैं। इनकी सात बेटियां व दो बेटे हैं। नंदिनी अपनी दो बड़ी बहनों सविता और सुधा के साथ शहर में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
सुधा नीट की तैयारी कर रही है, जबकि श्वेता डिग्री कॉलेज में पढ़ती है। स्कूल के प्रधानाचार्य शैलेन्द्र प्रताप ने बताया कि घटना गणित का पीरियड खत्म होने के बाद की है। नंदिनी क्लास में सामान्य तरीके से बैठी थी। साथ मौजूद छात्राओं ने बताया कि अचानक वह बेहोश होकर गिर गई। उसे दूसरी मंजिल से नीचे लाकर 15 मिनट में जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। उसकी नाक से खून भी आया था।
छात्रा की मौत से हतप्रभ स्कूल के शिक्षक, कर्मचारी व विद्यार्थी भी जिला अस्पताल पहुंच गए। सूचना पर नंदिनी की दोनों बहनें अस्पताल पहुंचकर बहन का शव देखते ही बेसुध हो गईं। कुछ समय बाद गांव से माता-पिता भी पहुंच गए।