रामनगर(बाराबंकी)। सीएचसी में स्वास्थ्य सुविधाओं की पड़ताल के लिए शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की टीम रामनगर सीएचसी पहुंची। इस दौरान परिसर व वार्ड में गंदगी के साथ ही अन्य खामियां मिलने पर भी टीम ने नाराजगी जताते हुए मौजूद चिकित्सा अधीक्षक को काम काज में सुधार लाने की चेतावनी भी दी। निरीक्षण के दौरान सीजेरियन प्रसव की संख्या काफी कम मिलने पर टीम ने इसे बढ़ाने की बात कही।
शनिवार सुबह साढे दस बजे रामनगर अस्पताल पहुंची मिशन की जीएम सुधा यादव ने अधीक्षक डॉ मुकुंद पटेल से स्टाफ का परिचय लिया। अस्पताल अधीक्षक ने बताया कि सीएचसी पर हर माह 98 से 100 तक संस्थागत व सामान्य प्रसव होते हैं जबकि ओपीडी में हर दिन 180 से दो सौ तक मरीज आते हैं। इसके बाद टीम ने परिसर स्थित जांच केंद्र, सामान्य प्रसव कक्ष का निरीक्षण करने के साथ ही स्टाफ नर्स व कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर को भी देखा। इस दौरान स्टाफ नर्स के रजिस्टर में लिखा पढ़ी न मिलने पर टीम सदस्यों ने नाराजगी जताई।
टीम ने कोल्ड रूम में एसी की जगह कूलर लगा होने पर भी सवाल किया। साथ ही निर्देश दिया कि पेयजल के लिए छोटी मशीन की जगह पानी की बड़ी मशीन लगवाने व साफ सफाई की व्यवस्था को बेहतर बनाने का निर्देश भी दिया। सीएचसी अधीक्षक ने टीम सदस्यों को स्टाफ की कमी के कारण होने वाली व्यवहारिक परेशानियों के बारे में भी जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान डॉ अरविंद सिंह, जिला कोआर्डिनेटर पंकज मौर्या व जिला कार्यक्रम अधिकारी अंबरीश द्विवेदी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।