राज्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन चरम पर रही। बृहस्पतिवार को विकास भवन खुला होने की जानकारी पर पहुंचे कर्मचारियों गेट पर ताला जड़ प्रदर्शन किया। कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उधर जिला अस्पताल में 8 से 11 बजे तक कर्मचारियों द्वारा किए गए बहिष्कार की वजह से कई मरीजों को उपचार के बिना ही लौटना पड़ा। हालांकि जानकारी के अनुसार देर शाम हड़ताल ख्ात्म कर दी गई।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष प्रमोद सिंह और मंत्री राजेश तिवारी, संघर्ष समिति के चेयरमैन आरपी सिंह तथा केके मिश्रा के नेतृत्व में कर्मचारियों की टीम बृहस्पतिवार को कार्य बहिष्कार करने का जायजा लेने के लिए कार्यालयों को पहुंच रही थी।
इसी बीच किसी ने जिलाध्यक्ष को बताया कि विकास भवन खुला है और यहां पर कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। देखते ही देखते, सैकड़ों कर्मचारी विकास भवन पहुंच गए और कार्य कर रहे साथियों से सहयोग की अपील करते हुए कार्यालय बंद करा दिया तथा विकास भवन गेट पर ताला लगाते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया।
जिलाध्यक्ष ने दावा कि सीएमओ कार्यालय, रजिस्ट्री ऑफिस, कोषागार, डीआरडीए, सिंचाई विभाग, गन्ना विभाग, आपूर्ति विभाग, माप तौल विभाग, वन विभाग, बंकी ब्लॉक, नलकूप विभाग, वाणिज्य कर, डीआईओएस, बीएसए कार्यालय, आरईएस, राजस्व विभाग, लोक निर्माण समेत अन्य विभागों में कर्मचारी पूरी तरह से कार्य बहिष्कार पर रहे।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि शुक्रवार को भी हड़ताल रहेगी। इस दौरान जिला अस्पताल, महिला अस्पताल तथा सभी सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अभी 8 बजे से 11 बजे तक बहिष्कार था लेकिन शुक्रवार को पूरी तरह से हड़ताल रहेगी।